दशपुर दिशा । योगेश पोरवाल
मंदसौर। शहर के पॉश इलाके नई आबादी में स्थित श्री राम मोहन हॉस्पिटल एक बार फिर विवादों में घिर गया। मार्जिन ऑफ सेटबैक (एमओएस) नियमों के उल्लंघन और पार्किंग स्थल पर अवैध निर्माण के कारण अस्पताल के खिलाफ स्थानीय रहवासियों में भारी नाराजगी थी। इस निर्माण से पार्किंग की जगह समाप्त हो गई थी, जिसके चलते मरीजों और आगंतुकों के वाहन सड़कों पर अव्यवस्थित रूप से खड़े किए जा रहे थे। इससे यातायात बाधित होने के साथ-साथ आसपास के रहवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
नागरिकों की शिकायत और सीएमओ का सख्त रुख
स्थानीय लोगों ने इस मुद्दे पर पहले भी कई बार शिकायत दर्ज की थी। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर लंबे समय से लंबित एक शिकायत पर कार्रवाई न होने से नाराज रहवासियों ने नवागत नगरपालिका सीएमओ और डिप्टी कलेक्टर अनिता चकोटिया के समक्ष अपनी समस्या रखी। बुधवार को सीएमओ ने अपनी टीम के साथ अस्पताल का दौरा किया। इस दौरान स्थानीय रहवासियों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

24 घंटे का अल्टीमेटम उसके बाद बुलडोजर कार्रवाई
नगरपालिका ने अस्पताल प्रशासन को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर अवैध निर्माण हटाने और पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त करने का अल्टीमेटम दिया था। सीएमओ अनिता चकोटिया ने मौके पर स्थिति का जायजा लिया और चेतावनी दी थी कि समय सीमा में नियमों का पालन न होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। गुरुवार सुबह तय समय सीमा समाप्त होने के बाद नगरपालिका की जेसीबी ने अस्पताल पहुंचकर अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी।
पूर्व सीएमओ के बाद डिप्टी कलेक्टर की प्रभावी कार्रवाई
मंदसौर में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई के मामले में पूर्व सीएमओ सविता प्रधान गौड़ के बाद अब डिप्टी कलेक्टर अनिता चकोटिया का नाम चर्चा में है। इससे पहले तत्कालीन सीएमओ सविता प्रधान गौड़ ने शहर के गांधी चौराहे पर अनुमति के विपरीत निर्माण कर बनाई जा रही व्यावसायिक बिल्डिंग को जेसीबी से ध्वस्त करवाया था। अब 24 घण्टे की चेतवानी के बाद श्री राम मोहन हॉस्पिटल पर अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई हुई है।
सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर राजनीतिक दबाव की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन सीएमओ ने दृढ़ता दिखाते हुए कार्रवाई को अंजाम दिया।
रहवासियों में राहत, शहर में चर्चा का विषय
स्थानीय रहवासियों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि अस्पताल के अवैध निर्माण के कारण न केवल यातायात प्रभावित हो रहा था, बल्कि उनकी दिनचर्या भी बाधित हो रही थी। यह मामला फिलहाल शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
Author: Yogesh Porwal
वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।









