जिन व्यवसायिक गरबा आयोजनों को अनुमति मिल चुकी, उन्हें भी निरस्त करने की मांग
मंदसौर। नवरात्रि पर्व के दौरान होने वाले व्यवसायिक गरबा आयोजनों को लेकर सकल हिंदू समाज के जागरूक नागरिकों ने शुक्रवार को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि नवरात्रि में व्यवसायिक गरबा आयोजनों को अनुमति नहीं दी जाए तथा जिन आयोजनों को अनुमति दी जा चुकी है, उनकी अनुमति भी निरस्त की जाए।

ज्ञापन में कहा गया कि नवरात्रि भक्ति, शक्ति और माता की आराधना का पर्व है। ऐसे में पर्व की धार्मिक एवं पारंपरिक गरिमा बनाए रखना आवश्यक है। नागरिकों ने आरोप लगाया कि कुछ व्यवसायिक गरबा आयोजनों में धार्मिक वातावरण के विपरीत संगीत, अशोभनीय नृत्य एवं पहनावे का प्रदर्शन देखने को मिलता है, जिससे नवरात्रि के स्वरूप पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और युवा पीढ़ी पर भी इसका असर पड़ने की आशंका रहती है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी रखी मांग
ज्ञापन में गरबा पांडालों में अत्यधिक भीड़ और अपरिचित व्यक्तियों की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गई। नागरिकों ने पहचान छिपाकर अथवा गलत परिचय के माध्यम से प्रवेश करने तथा नशे की स्थिति में पांडाल में आने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
इसके साथ ही गणेश उत्सव एवं नवरात्रि के दौरान माता एवं गणेशजी के पांडालों के आसपास नशे का सेवन तथा अंडे-मांस की दुकानों के संचालन पर प्रभावी रोक लगाने की मांग भी की गई।
माताओं-बहनों की सुरक्षा के लिए पुलिस टीमें बनाने की मांग
ज्ञापन में गणेश उत्सव एवं नवरात्रि के दौरान महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग करते हुए संवेदनशील स्थानों पर विशेष पुलिस टीमें तैनात करने का आग्रह किया गया।
सकल हिंदू समाज के नागरिकों ने प्रशासन से नवरात्रि पर्व की धार्मिक गरिमा बनाए रखने, आयोजन स्थलों पर अनुशासन सुनिश्चित करने तथा सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने की मांग की। इस अवसर पर मंदसौर का सकल हिंदू समाज उपस्थित रहा।
Author: Dashpur Disha
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