मालवा क्षेत्र को नशामुक्त करने विशेष अभियान की मांग, गृहमंत्री अमित शाह को लिखा पत्र
मंदसौर। मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र, विशेषकर मंदसौर, नीमच एवं रतलाम जिलों में मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष एवं एमपी फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मिथुन वप्ता ने चिंता जताई है। उन्होंने देश के गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर भारत में ड्रग्स फ्री अभियान की शुरुआत मंदसौर जिले से करने तथा मंदसौर-नीमच-रतलाम क्षेत्र को विशेष “ड्रग-फ्री मालवा जोन” के रूप में विकसित करने की मांग की है।

मिथुन वप्ता ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि मालवा क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी की समस्या गंभीर रूप ले रही है। इसका सबसे अधिक प्रभाव युवा वर्ग पर पड़ने के साथ ही कई परिवारों के प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि समय रहते ड्रग्स के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई कर इसके सिंडिकेट को तोड़ना आवश्यक है।
2029 तक नशामुक्त भारत के संकल्प का किया उल्लेख
गृहमंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में वप्ता ने केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2029 तक देश को “नशामुक्त भारत” बनाने के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि ड्रग्स के खिलाफ सरकार की Zero Tolerance Policy और पूरे नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने की दिशा में किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि ड्रग्स की समस्या केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा, सामाजिक स्थिरता और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
मालवा के लिए विशेष संयुक्त टास्क फोर्स बनाने की मांग
वप्ता ने पत्र में कहा कि मध्यप्रदेश का मालवा क्षेत्र देश के प्रमुख अफीम उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है। यहां अफीम की वैध खेती के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी एवं काले बाजार की गतिविधियों की चुनौती भी सामने आती रही है। स्थानीय स्तर पर पुलिस एवं नारकोटिक्स एजेंसियों द्वारा कार्रवाई की जा रही है, लेकिन क्षेत्र की भौगोलिक एवं सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए सतत, बहु-एजेंसी एवं विशेष निगरानी आधारित अभियान की आवश्यकता है।
उन्होंने मांग की कि मंदसौर, नीमच एवं रतलाम में NCB, CBN, मध्यप्रदेश पुलिस, खुफिया एजेंसियों एवं अन्य संबंधित विभागों को शामिल कर संयुक्त विशेष टास्क फोर्स अथवा समन्वित अभियान चलाया जाए।
छोटे तस्करों के बजाय पूरे नेटवर्क पर हो कार्रवाई
पत्र में ड्रग्स की छोटी खेप पकड़ने के साथ-साथ उसके पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की मांग की गई है। इसमें ड्रग्स के स्रोत, सप्लायर, परिवहनकर्ता, वितरक, आर्थिक सहयोगी एवं मुख्य सरगना तक पहुंचकर कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है।
इसके अलावा ड्रग्स कारोबार से अर्जित अवैध संपत्ति, बैंक खातों, बेनामी संपत्तियों एवं वित्तीय लेन-देन की जांच कर अवैध संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई तथा अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े मामलों में विशेष जांच की मांग भी की गई है।
हर तीन माह में अभियान की समीक्षा का सुझाव
मिथुन वप्ता ने अभियान की त्रैमासिक समीक्षा केंद्र एवं राज्य स्तर पर किए जाने का सुझाव दिया है, ताकि केवल कार्रवाई के आंकड़ों के बजाय क्षेत्र में ड्रग्स की उपलब्धता और तस्करी में वास्तविक कमी सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि यदि मालवा क्षेत्र को ड्रग्स के प्रभाव से मुक्त करने के लिए केंद्र सरकार के नेतृत्व में विशेष मॉडल तैयार किया जाता है तो यह देश के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के लिए भी प्रभावी उदाहरण बन सकता है। उनका कहना है कि “मालवा से पूरे मध्यप्रदेश और मध्यप्रदेश से पूरे भारत को नशामुक्त करने की दिशा में यह ऐतिहासिक कदम हो सकता है।”
पत्र की प्रतिलिपि गृह मंत्रालय, नारकोटिक्स विभाग, मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश, पुलिस महानिदेशक मध्यप्रदेश एवं पुलिस अधीक्षक मंदसौर को भी भेजी गई है।
Author: Dashpur Disha
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