मंदसौर के उद्यानिकी महाविद्यालय में ‘दीक्षारंभ’ कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ, अधिष्ठाता डॉ. दीपक हरि रानडे ने छात्रों को दिया सफलता का मंत्र

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मंदसौर। स्थानीय के.एन.के. उद्यानिकी महाविद्यालय (राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर) में आज नवीन शैक्षणिक सत्र के नव-प्रवेशित विद्यार्थियों के मार्गदर्शन और स्वागत के लिए ‘दीक्षारंभ’ (ओरिएंटेशन और अकादमिक परिचय कार्यक्रम) का अत्यंत उत्साह और गरिमा के साथ शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के पहले दिन कॉलेज के वरिष्ठ छात्रों द्वारा संस्थान की परंपरा के अनुसार नए विद्यार्थियों का तिलक लगाकर, कलावा बांधकर और पुष्प भेंट कर स्वागत किया गया। समारोह का औपचारिक उद्घाटन मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन और ‘सरस्वती वंदना’ के साथ हुआ, जिसके बाद दीक्षारंभ कार्यक्रम के समन्वयकों डॉ. रूपेश चतुर्वेदी, डॉ. रोशन गल्लानी, डॉ प्रदीप तुरुकमाने डॉ. किरन सोनी, डॉ. वीणा राठौर और छात्र प्रतिनिधियों द्वारा नए सत्र के छात्रों का परिचय सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान सभी फैकल्टी सदस्यों का परिचय कराया गया।समारोह के मुख्य सत्र को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. दीपक हरि रानडे ने नव-प्रवेशित छात्र-छात्राओं को बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। अपने प्रेरणादायी दीक्षारंभ भाषण में डॉ. रानडे ने उद्यानिकी विज्ञान (Horticulture) की महत्ता और करियर की असीम संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अकादमिक जीवन में कड़े अनुशासन का पालन करें और नियमित उपस्थिति दर्ज कराएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि कृषि और बागवानी एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ किताबी ज्ञान से कहीं अधिक व्यावहारिक और प्रायोगिक अनुभव मायने रखता है। इसलिए छात्रों को कॉलेज की प्रयोगशालाओं और अनुसंधान क्षेत्रों में अधिक से अधिक समय बिताना चाहिए ताकि वे भविष्य में देश की अर्थव्यवस्था और पोषण सुरक्षा में अपना बहुमूल्य योगदान दे सकें और एक कुशल कृषि वैज्ञानिक के रूप में उभर सकें। इस प्रथम सत्र के अंत में डॉ. रोशन गल्लानी द्वारा सभी उपस्थित अतिथियों, प्राध्यापकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया गया।मध्यान्ह भोजन (लंच) के पश्चात आयोजित अगले सत्र में नए विद्यार्थियों को कॉलेज परिसर का भ्रमण कराया गया, जिसमें डॉ. अनुज कुमार, डॉ. पी. सोनकर, डॉ. के. सी. मीना और डॉ. राज बब्बर जाटव के मार्गदर्शन में छात्रों ने विभिन्न शैक्षणिक विभागों, आधुनिक प्रयोगशालाओं, लाइब्रेरी और महत्वपूर्ण बुनियादी सुविधाओं का अवलोकन किया। इसके बाद के सत्रों में डॉ. रूपेश चतुर्वेदी द्वारा छात्रों को कॉलेज की अकादमिक नियमावली, उपस्थिति की अनिवार्यता और परिसर के भीतर अनुशासित आचरण के नियमों से अवगत कराया गया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में डॉ. पंकज ने नए विद्यार्थियों को परीक्षा प्रणाली, मूल्यांकन पद्धति और परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों की विस्तृत जानकारी दी। प्रथम दिन के सफल आयोजन के बाद कॉलेज प्रशासन ने बताया कि आगामी दो दिनों में विद्यार्थियों के मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य के लिए योग, मेडिटेशन, मेंटर-मेंटी संवाद और व्यक्तित्व विकास पर विशेष व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे।

Dashpur Disha
Author: Dashpur Disha

दशपुर दिशा समाचार पत्र भारत के प्रेस महापंजीयक कार्यालय नई दिल्ली से पंजीकृत है। दशपुर दिशा मालवांचल में खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित समाचार पत्र है। www. dashpurdisha.com हमारी अधिकृत वेबसाइट है।

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