दिल्ली के सत्य निकेतन में हॉस्टल की बिल्डिंग ढही, 5 की मौत; अब भी मलबे में दबे कई छात्र

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 हादसे में पांच लोगों की मौत, कई छात्रों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। NDRF, फायर ब्रिगेड और पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

नई दिल्ली। रविवार को भारी बारिश के बीच एक बड़ा हादसा हो गया। दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि इमारत में PG चल रहा था और यहां कई छात्र रहते थे। ऐसे में मलबे में कई लोगों, खासकर छात्रों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई घायलों को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया है। हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस, NDRF, CAT एंबुलेंस, DDMA, MCD और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं। रेस्क्यू टीमों ने तुरंत मलबा हटाने का काम शुरू किया। फायर डिपार्टमेंट के मुताबिक, दोपहर करीब 1 बजकर 33 मिनट पर इमारत गिरने की सूचना मिली थी। इसके बाद दमकल की 12 गाड़ियां घटनास्थल पर भेजी गईं। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अब तक छह लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है। घायलों को इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भेजा गया। एम्स के मुताबिक, जय प्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में चार मरीजों को लाया गया था। इनमें दो की हालत गंभीर बताई गई है। एक बचावकर्मी को भी अस्पताल लाया गया था, लेकिन इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। वहीं एक व्यक्ति को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया।

PG में रहते थे छात्र, मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका
जानकारी के मुताबिक, जिस इमारत के गिरने से हादसा हुआ, उसमें PG संचालित हो रहा था। यहां अलग-अलग जगहों से आए छात्र रह रहे थे। स्थानीय विधायक अनिल शर्मा ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि इमारत में कितने छात्र मौजूद थे, इसकी सटीक संख्या फिलहाल स्पष्ट नहीं है, लेकिन अंदर छात्रों के फंसे होने की जानकारी सामने आई है। विधायक के मुताबिक, कुछ छात्रों की ओर से अंदर से फोन कॉल भी आ रही थीं। इससे रेस्क्यू टीमों को उम्मीद है कि मलबे में अभी और लोग फंसे हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि NDRF और MCD की टीमों ने कुछ छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला है और बाकी लोगों को निकालने के लिए अभियान जारी है। मौके पर मौजूद स्थानीय लोग भी राहत और बचाव कार्य में मदद कर रहे हैं। हालांकि, मलबे को हटाने के दौरान बेहद सावधानी बरती जा रही है, क्योंकि उसके नीचे लोगों के दबे होने की आशंका है।

CM रेखा गुप्ता मौके पर पहुंचीं
हादसे की जानकारी मिलते ही दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता लगातार अधिकारियों के संपर्क में रहीं। बाद में वह खुद घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि एहतियात के तौर पर हादसे के आसपास की एक बिल्डिंग को खाली करा लिया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जाए और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाए।

अमित शाह ने बीच में रोका कार्यक्रम
हादसे की जानकारी मिलने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपना कार्यक्रम बीच में रोक दिया। उस समय वह गोवा में बीजेपी के नए कार्यालय के उद्घाटन समारोह में मौजूद थे। दिल्ली में इमारत गिरने की घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने अधिकारियों से बात कर स्थिति की जानकारी ली। अमित शाह ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और NDRF के डायरेक्टर जनरल से बातचीत कर घटनास्थल की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने हादसे पर दुख जताते हुए राहत और बचाव कार्य को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

इमारत मालिक के खिलाफ FIR, जांच के लिए कमेटी गठित
दिल्ली बीजेपी सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने बताया कि हादसे की जांच के लिए सरकार की ओर से एक कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी इमारत गिरने के कारणों की जांच करेगी। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बिधूड़ी के मुताबिक, इमारत के मालिक आनंद बंसल के खिलाफ FIR भी दर्ज की जा चुकी है। हालांकि, इमारत के गिरने की वास्तविक वजह क्या थी, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।

राहुल गांधी और आतिशी ने जताई चिंता
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी हादसे पर चिंता जताई। उन्होंने NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और अन्य बचाव दलों से मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की अपील की। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस और NSUI के कार्यकर्ता भी मौके पर मौजूद हैं और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए तैयार हैं। दिल्ली की नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने भी हादसे पर दुख जताते हुए सरकार से राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने की अपील की। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

NSUI ने सरकार पर उठाए सवाल
हादसे को लेकर NSUI ने भी सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। संगठन ने कहा कि सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना बेहद चिंताजनक है और मलबे में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के दबे होने की जानकारी सामने आ रही है। NSUI ने छात्रों और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की। संगठन का कहना है कि घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और अगर किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी हादसे पर दुख जताते हुए दिल्ली सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दिल्ली में लगातार हो रहे हादसों को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। रेस्क्यू टीमें लगातार मलबा हटाने में जुटी हुई हैं। प्रशासन की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इमारत के गिरने के समय अंदर कुल कितने लोग मौजूद थे। ऐसे में रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही हादसे में प्रभावित लोगों की सही संख्या सामने आ सकेगी।

Dashpur Disha
Author: Dashpur Disha

दशपुर दिशा समाचार पत्र भारत के प्रेस महापंजीयक कार्यालय नई दिल्ली से पंजीकृत है। दशपुर दिशा मालवांचल में खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित समाचार पत्र है। www. dashpurdisha.com हमारी अधिकृत वेबसाइट है।

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