208 बकायदार फ्लैटधारकों को खाली कराने पहुंचा निगम अमला, रहवासियों का कलेक्टोरेट पर धरना; विरोध के दौरान सकलेचा की तबीयत बिगड़ी, एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया
दशपुर दिशा । दीपक सोनी
रतलाम। प्रधानमंत्री आवास योजना की डोसीगांव मल्टी में बकाया राशि नहीं चुकाने वाले हितग्राहियों के खिलाफ बुधवार को नगर निगम की बेदखली कार्रवाई ने पूरे शहर का राजनीतिक और प्रशासनिक माहौल गरमा दिया। सुबह से भारी पुलिस बल, जिला प्रशासन और नगर निगम का अमला फ्लैट खाली कराने पहुंचा तो रहवासियों ने विरोध शुरू कर दिया। मामला उस समय और गर्मा गया जब कांग्रेस नेता पारस सकलेचा मौके पर पहुंचे और नगर निगम आयुक्त से उनकी तीखी बहस हो गई। विरोध के दौरान सकलेचा जमीन पर बैठ गए, कार्रवाई रोकने की मांग की और उनकी तबीयत बिगड़ने पर एंबुलेंस से अस्पताल ले जाना पड़ा।

नगर निगम ने पहले ही 208 बकायदार हितग्राहियों को 4 अगस्त तक 1.80 लाख रुपये जमा कराने का अंतिम नोटिस दिया था। समय-सीमा समाप्त होने के बाद बुधवार सुबह निगम की टीम महिला पुलिस बल, जिला प्रशासन और बड़ी संख्या में पुलिस जवानों के साथ डोसीगांव पहुंची। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कलेक्टोरेट परिसर में भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
रहवासियों ने किया विरोध, कलेक्टोरेट पर दिया धरना
कार्रवाई की जानकारी मिलते ही कई रहवासियों ने अपने फ्लैटों पर ताले लगाए और नए कलेक्टर से मिलने निकल पड़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और कार्रवाई रोकने की मांग की। बाद में प्रतिनिधिमंडल ने महापौर से मुलाकात कर अपनी समस्याएं बताईं, जबकि दूसरी ओर मल्टी परिसर में बेदखली की कार्रवाई जारी रही।
आयुक्त और पारस सकलेचा के बीच तीखी बहस
रहवासियों के समर्थन में पहुंचे कांग्रेस नेता पारस सकलेचा ने बरसात के मौसम में गरीब परिवारों को बेघर किए जाने पर सवाल उठाए। इसी दौरान उनकी नगर निगम आयुक्त अनिल भाना से तीखी बहस हो गई। विवाद बढ़ने पर दोनों के बीच काफी देर तक नोकझोंक चली। विरोध के दौरान सकलेचा ने निगम का नोटिस फाड़ दिया और कार्रवाई का खुलकर विरोध किया।
जमीन पर बैठे, बिगड़ी तबीयत
जब निगम अमला सामान हटाने लगा तो पारस सकलेचा जमीन पर बैठ गए और कार्रवाई रोकने की मांग करते हुए कहा कि वे किसी भी कीमत पर गरीबों को बेघर नहीं होने देंगे। उन्होंने वाहन में रखा रहवासियों का सामान भी बाहर निकालना शुरू कर दिया। पुलिस ने उन्हें हटाने का प्रयास किया, लेकिन विरोध जारी रहा। इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद एंबुलेंस से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।
नगर निगम ने 31 जुलाई को 208 हितग्राहियों को नोटिस जारी कर 4 अगस्त तक 1.80 लाख रुपये जमा कराने के निर्देश दिए थे। चेतावनी दी गई थी कि निर्धारित समय में राशि जमा नहीं होने पर फ्लैट खाली कराने की कार्रवाई की जाएगी। समय-सीमा पूरी होने के बाद बुधवार को बेदखली अभियान शुरू कर दिया गया।
रेलवे की जमीन से हुआ था पुनर्वास
वर्ष 2020-21 में जावरा रोड स्थित शिवशंकर कॉलोनी और प्रकाश नगर स्लम बस्ती से रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण हटाने के बाद 396 पात्र परिवारों का पुनर्वास डोसीगांव स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना में किया गया था। हितग्राहियों से 20 हजार रुपये मार्जिन मनी जमा कराई गई थी, जबकि शेष 1.80 लाख रुपये बैंक ऋण के माध्यम से जमा किए जाने थे।
निगम का दावा, छह साल में छह बार दिए नोटिस
नगर निगम के अनुसार 396 हितग्राहियों में से 166 ने बैंक से ऋण लिया और 20 लोगों ने एकमुश्त राशि जमा कर दी, जबकि 208 हितग्राहियों ने न ऋण लिया और न ही बकाया राशि जमा की। निगम का कहना है कि छह वर्षों में छह बार नोटिस जारी किए गए। साथ ही कई लोगों द्वारा अवैध बिजली-पानी कनेक्शन लेकर निगम को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया है।
रहवासियों का कहना है कि बरसात के बीच उन्हें बेघर किया जा रहा है, जबकि उनके पास रहने का कोई दूसरा ठिकाना नहीं है। उनका आरोप है कि आवंटन के समय पानी, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का वादा किया गया था, लेकिन वर्षों बाद भी अधिकांश सुविधाएं नहीं मिल सकीं। उन्होंने प्रशासन से कार्रवाई तत्काल रोकने की मांग की।

कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे अधिकारी
बेदखली अभियान के दौरान नगर निगम आयुक्त अनिल भाना, सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, तहसीलदार कुलभूषण शर्मा, औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी गायत्री सोनी सहित नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
Author: Dashpur Disha
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