सुवासरा। स्थानीय समाजसेवी एवं धर्मनिष्ठ जगदीश चंद्र वेद का 26 फरवरी सुबह हृदयाघात से अचानक निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही सुवासरा नगर एवं आसपास के क्षेत्रों में शोक की व्यापक लहर दौड़ गई। वेद जी एक मिलनसार एवं हंसमुख व्यक्तित्व के धनी थे, जिनकी मुस्कान और सहयोगपूर्ण स्वभाव ने सदैव लोगों को प्रभावित किया।
मंदसौर रोड स्थित रेलवे ग्रीड के ठीक सामने धलपट के वेद परिवार में निवास करने वाले जगदीश चंद्र वेद रोजाना की तरह दिनचर्या निभा रहे थे। 26 फरवरी को सुबह नहाने के बाद उन्होंने भोलेनाथ मंदिर एवं बालाजी मंदिर में दर्शन कर आरती का लाभ लिया। इसके बाद गणपति मंदिर एवं चारभुजा मंदिर में भी पूजा-अर्चना की। मंदिर दर्शन के पश्चात वे 100 से अधिक व्यक्तियों से मिले। अंत में नया बस स्टैंड पर हरिओम किराना दुकान पर पहुंचे, जहां पास बैठे लोगों से हंसते-बोलते चर्चा कर ही रहे थे कि अचानक बेंच से गिर पड़े। तत्काल उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
स्वर्गीय जगदीश चंद्र वेद स्वर्गीय मांगीलाल जी वेद के ज्येष्ठ पुत्र थे। वे कैलाशचंद्र, दिनेश चंद्र (LIC अधिकारी), राजमल एवं पत्रकार जुगल वेद के बड़े भाई तथा दीपेश वेद के पूज्य पिताजी एवं राघव वेद के दादाजी थे। समाजसेवा में सक्रिय रहने वाले वेद जी का निधन न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे समुदाय के लिए अपूरणीय क्षति है।
उनकी अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। मुक्तिधाम परिसर में आयोजित शोक सभा में ओमप्रकाश मांदलिया, मार्गदर्शक साहब अभय जी जैन, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि डॉ. बालाराम परिहार, आनंद शर्मा एवं अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। शोक सभा का संचालन राजेश गुप्ता ने किया। अंत में सभी उपस्थित श्रद्धालुओं ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की।
Author: Dashpur Disha
दशपुर दिशा समाचार पत्र भारत के प्रेस महापंजीयक कार्यालय नई दिल्ली से पंजीकृत है। दशपुर दिशा मालवांचल में खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित समाचार पत्र है। www. dashpurdisha.com हमारी अधिकृत वेबसाइट है।









