नई आबकारी नीति लागू : मध्यप्रदेश में शराब होगी 20% महंगी, नई दुकानें नहीं खुलेगी, ठेके ई-नीलामी से होंगे

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने आबकारी नीति 2026-27 को लागू कर दिया है, जिससे शराब प्रेमियों की जेब पर भारी बोझ पड़ेगा। नई नीति के तहत शराब की कीमतों में औसतन 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी, जबकि कोई नई शराब दुकान नहीं खोली जाएगी। साथ ही, मौजूदा दुकानों का सालाना रिन्यूअल भी खत्म कर दिया गया है। इसके बजाय सभी 3,553 शराब दुकानों का आवंटन ई-टेंडर और ई-ऑक्शन के जरिए किया जाएगा। जनजातीय समूहों द्वारा बनाई जाने वाली महुआ जैसी हेरिटेज शराब को ड्यूटी फ्री कर दिया गया है, जबकि अन्य राज्यों की स्पेशल शराब को एमपी में टैक्स फ्री करने की व्यवस्था भी की गई है।

कैबिनेट ने 18 फरवरी 2026 को इस नीति को मंजूरी दी थी, और आदेश 19 फरवरी की शाम जारी कर दिए गए। सरकार का लक्ष्य इस नीति से रिकॉर्ड 19,000 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाना है, जो पिछले साल से 3,000 करोड़ अधिक है। अधिकारियों का कहना है कि यह बदलाव पारदर्शिता बढ़ाएंगे और ठेकेदारों की मोनोपॉली खत्म करेंगे, लेकिन उपभोक्ताओं को महंगी शराब का सामना करना पड़ेगा।

ई-टेंडर और ई-ऑक्शन की नई व्यवस्था
नीति के मुताबिक, शराब दुकानों का आवंटन अब पूरी तरह डिजिटल होगा। आरक्षित मूल्य में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, और बोली इसी आधार पर लगाई जाएगी। दुकानों को समूहों में बांटा जाएगा – एक समूह में अधिकतम 5 दुकानें। ये समूह जिले के आधार पर तीन-चार बैच में विभाजित होंगे, और ई-टेंडर तीन-चार चरणों में होगा।
जालसाजी रोकने के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट केवल ई-चालान या ई-बैंक गारंटी से ही स्वीकार किया जाएगा। पारंपरिक बैंक गारंटी या फिक्स्ड डिपॉजिट मान्य नहीं होंगे। इससे प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनेगी।

हेरिटेज शराब को राहत, एक्सपोर्ट को बढ़ावा
जनजातीय स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित महुआ शराब को पूरी तरह ड्यूटी फ्री कर दिया गया है। साथ ही, अन्य राज्यों की हेरिटेज या स्पेशल शराब को एमपी में टैक्स फ्री करने का प्रावधान है, ताकि एमपी की महुआ शराब को अन्य राज्यों में भी छूट मिल सके।
शराब एक्सपोर्ट को प्रोत्साहन देने के लिए फीस में कटौती की गई है, और लेबल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। इससे एमपी की शराब इंडस्ट्री को ग्लोबल बाजार में मजबूती मिलेगी।

पवित्र स्थलों पर सख्ती बरकरार
नीति में स्पष्ट है कि उज्जैन, ओंकारेश्वर, मैहर जैसे 19 घोषित पवित्र स्थलों में शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध जारी रहेगा। अवैध शराब पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

यह नीति 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी, और सरकार का मानना है कि इससे राजस्व बढ़ेगा साथ ही शराब कारोबार में सुधार आएगा। हालांकि, विपक्षी पार्टियां इसे आम आदमी पर बोझ बता रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कीमतों में बढ़ोतरी से अवैध शराब का बाजार बढ़ सकता है, इसलिए निगरानी जरूरी है।

Dashpur Disha
Author: Dashpur Disha

दशपुर दिशा समाचार पत्र भारत के प्रेस महापंजीयक कार्यालय नई दिल्ली से पंजीकृत है। दशपुर दिशा मालवांचल में खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित समाचार पत्र है। www. dashpurdisha.com हमारी अधिकृत वेबसाइट है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें

error: Content is protected !!