मुआवजा राशि के नाम पर मनासा के साथ धोखा हुआ है झुठ बोलना बंद करे विधायक
दशपुर दिशा । नीमच ब्यूरो
मनासा। किसानो के साथ प्रदेश की सरकार ने मुआवजा राशि को लेकर धोखा किया है।मुआवजा वितरण को लेकर नीमच जिले और मनासा के साथ भेदभाव किया गया। यहां के विधायक झुठ बोलकर झुठी वाहवाही लुट रहे है। मुआवजा राशि उंट के मुंह में जीरा है। विधायक जी मुआवजा कैसे बांटते है और किसानों की दीपावली कैसे मनवाई जाती है यह पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की कांग्रेस सरकार से सिखो। भावांतर योजना का डिंडोरा पीट रहे हो लेकिन इसका फायदा किसानो को नही व्यापारीयों को देने के लिए लाई गई है। किसानों के पास सोयाबीन बची ही नही तो भावांतर पर बेचेगा क्या। विधायक खुद अपने संरक्षण में रेत का अवैध कारोबार चला रहे है। और कांग्रेस को बदनाम कर रहे है।
यह बात कांग्रेस नेता एंव जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधी आर.सागर कछावा ने कही। सरकार द्वारा किसानों को बांटी गई मुआवजा राशि को लेकर कछावा ने प्रदेश सरकार और विधायक अनिरूद्व माधव मारू पर आरोप लगाते हुए कहा कि जो मुआवजा राशि किसानों को प्रति हेक्टेयर के मान से दी गई है वो एक बीघा सोयाबीन कटाई की लागत भी नही है। कांग्रेस नेता ने विधायक मारू पर आरोप लगाते हुए कहा कि रकबा और क्षेत्रफल का बहना बनाकर जिस तरह से झुठ परोस रहे हो उसके आकडे प्रस्तुत करे। किसान जब खून के आसु रो रहा था तब विधायक जी आप तो भुटटा पार्टी कर रहे थे। किसानो के प्रति मन में थोडी बहुत भी संवेदना होती तो खेतो में जाकर उन्हे ढांढस बंधाते और आसु पौछने का काम करते । लेकिन आपने तो बेशर्मी की सारी हदे पार कर दी है। कछावा ने कहा कि प्रदेश में जब 15 महीने की कांग्रेस सरकार थी तो किसानों पर प्राकृतिक आपदा आने पर बिना सर्वे के सभी किसानो को 40 हजार रूपए प्रति हेक्टेयर मुआवजा दिया और आपकी सरकार ने सिर्फ 7300 रूपए हेक्टेयर मुआवजा दिया है। तो यह किसानों के साथ धोखा नही तो क्या है। कछावा ने विधायक मारू से सवाल किया कि अवैध रेत उत्खनन के मामले को लेकर कांग्रेस के लोग भी शामिल है तो उनके नाम सार्वजनिक करे। क्षेत्र में अवैध कामो को संरक्षण देने का काम कौन कर रहा है यह जनता अच्छी तरह से जानती है। कछावा ने कहा कि किसान मुआवजा राशि को लेकर अपने आपको ठगा महसूस कर रहा है। भाजपा सरकार और जनप्रतिनिधीयों ने किसानों का अपमान और धोखा करने के अलावा कुछ नही किया है। प्रदेश सरकार भावांतर को लेकर उत्सव मना रही है लेकिन हकीकत यह है कि प्रशासन ने नुकसानी का जो आकलन किया है उसमें मनासा क्षेत्र में 60 से 80 प्रतिशत नुकसान होने के आकडे सामने आएं है। अब ऐसे में किसानों के पास भावांतर पर बेचने के लिए सोयाबीन कहा से आएंगी। भावांतर से सिर्फ व्यापारीयों को फायदा मिलेगा जो स्टॉक व्यापारीयों ने जमा कर रखा है उसे भावांतर पर बेचा जाएंगा। ऐसा खेल पहले भी भावंातर योजना में हो चुका है। विधायक झुठ बोलना बंद करे। कांग्रेस उचित मुआवजा को लेकर पहले भी किसानों के साथ खडी थी और अभी भी उनके साथ खडी है। गांवो में जाकर किसानों से मुआवजा राशि को लेकर बात करे तो हकीकत सामने आ जाएंगी कि सरकार ने मुआवजा के नाम पर क्या दिया है। कांग्रेस ने नेता ने कहा कि एक बीघा सोयाबीन कटाई के 2 हजार मजदुरी लगी और सरकार ने 1460 रूपए बीघा मुआवजा दिया है। क्या यह किसानों के साथ अन्याय नही तो फिर क्या है विधायक इसका जवाब दे। कांग्रेस मुआवजा राशि को लेकर मनासा और जिले के साथ में किए गए भेदभाव को लेकर किसानों के साथ बडा आंदोलन करेगी।
Author: Dashpur Disha
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