कांग्रेस की सियासी प्रतिस्पर्धा में पत्रकार से अभद्रता, प्रेस क्लब ने की कड़ी निंदा

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अफीम नीति के विरोध में धरना प्रदर्शन के दौरान गालीगलौज और धक्का-मुक्की का आरोप, प्रेस क्लब ने कहा—पत्रकारों का अपमान लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत

मंदसौर। कांग्रेस द्वारा अफीम नीति के विरोध में आयोजित धरना-प्रदर्शन के दौरान पत्रकार कमलेश मोदी के साथ कथित अभद्रता, गालीगलौज और धक्का-मुक्की का मामला सामने आया है। घटना को लेकर प्रेस क्लब मंदसौर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इसकी निंदा की है। प्रेस क्लब ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से मामले में हस्तक्षेप कर संबंधित नेताओं को पत्रकारों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार के लिए मार्गदर्शन देने की अपेक्षा की है। मामले में थाने में रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, धरना-प्रदर्शन के दौरान पत्रकार कमलेश मोदी अपने पहचान पत्र के साथ कांग्रेस के युवा नेता सोमिल नाहटा से अफीम नीति को लेकर चर्चा कर रहे थे। इस दौरान सोमिल नाहटा अफीम नीति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दे रहे थे। आरोप है कि तभी पूर्व विधायक नवकृष्ण पाटिल वहां पहुंचे और पत्रकार कमलेश मोदी के साथ अभद्र व्यवहार करने लगे। आरोप के मुताबिक, राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के चलते उन्होंने पत्रकारों को घटनास्थल से बाहर निकालने के निर्देश भी दिए। इस दौरान पत्रकारों के साथ कथित तौर पर गालीगलौज और धक्का-मुक्की की गई। घटना को लेकर संबंधित पक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी शेष है।

प्रेस क्लब ने बताया लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत
प्रेस क्लब अध्यक्ष ईश्वर रामचंदानी एवं सचिव महावीर जैन ने घटना को अशोभनीय बताते हुए कहा कि पत्रकारों के साथ इस प्रकार का व्यवहार किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। पत्रकार समाज का सजग प्रहरी होता है, जो जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर लोकतंत्र को मजबूत करने का कार्य करता है। ऐसे में पत्रकार के साथ अभद्रता करना उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाने के साथ स्वतंत्र पत्रकारिता के मूल्यों पर भी आघात है।

उन्होंने कहा कि किसी समाचार, विचार या रिपोर्टिंग को लेकर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन असहमति का जवाब अभद्रता, दबाव या दुर्व्यवहार से देना किसी भी जनप्रतिनिधि अथवा जिम्मेदार व्यक्ति को शोभा नहीं देता। मतभेदों का समाधान लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से किया जाना चाहिए।

पत्रकारों की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता
प्रेस क्लब ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। विपक्ष की आवाज और जनहित के मुद्दों को जनता तक पहुंचाने में पत्रकार अहम कड़ी होते हैं। यदि पत्रकारों को ही दबाव या दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ेगा, तो स्वतंत्र पत्रकारिता प्रभावित होगी। राजनीतिक दलों और उनके नेताओं को पत्रकारों के महत्व को समझते हुए उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करना चाहिए।

निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
प्रेस क्लब मंदसौर ने संबंधित मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से अपेक्षा जताई है कि वे मामले में हस्तक्षेप कर संबंधित नेताओं को पत्रकारों के साथ सद्भावपूर्ण और मर्यादित व्यवहार करने के लिए मार्गदर्शन दें।

प्रेस क्लब अध्यक्ष ईश्वर रामचंदानी, उपाध्यक्ष डॉ.प्रीतिपाल सिंह राणा, सचिव महावीर जैन, सह सचिव नरेंद्र धनोतिया और कोषाध्यक्ष अजय बाड़ोलिया सहित पत्रकार जगत ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रेस क्लब ने स्पष्ट किया कि पत्रकारों के साथ इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।

Dashpur Disha
Author: Dashpur Disha

दशपुर दिशा समाचार पत्र भारत के प्रेस महापंजीयक कार्यालय नई दिल्ली से पंजीकृत है। दशपुर दिशा मालवांचल में खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित समाचार पत्र है। www. dashpurdisha.com हमारी अधिकृत वेबसाइट है।

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