मेडिकल कॉलेज और जिला चिकित्सालय के बीच टालमटोल कर आवेदन नहीं लेने का आरोप; घटनाक्रम के बाद आज विधायक ने किया औचक निरीक्षण
मंदसौर। जिला चिकित्सालय परिसर में स्थित कम्युनिटी सेंटर में आरटीआई आवेदन की पावती देने को लेकर कांग्रेस नेताओं और ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर के बीच बहस का मामला सामने आया है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगने पर जिला चिकित्सालय और मेडिकल कॉलेज के अधिकारी एक-दूसरे के कार्यालय की ओर भेजते रहे और आवेदन स्वीकार करने में आनाकानी की गई। वहीं डॉक्टरों का कहना है कि कम्युनिटी सेंटर ड्यूटी पर आने वाले चिकित्सकों के लिए सुविधा केंद्र है और आरटीआई सहित आधिकारिक जानकारी के आवेदन मेडिकल कॉलेज के डीन कार्यालय में प्रस्तुत किए जाने चाहिए।

जानकारी के अनुसार, विधायक प्रतिनिधि जीतू गूगर, जिला कांग्रेस महामंत्री आदित्य पाटील, एक पार्षद पति और एक अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता जिला चिकित्सालय परिसर स्थित कम्युनिटी सेंटर पहुंचे थे। यहां मौजूद डॉक्टरों से कुछ जानकारी मांगी गई। मेडिसिन विभाग के डॉ. संजय रावत के अनुसार, डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि संबंधित जानकारी मेडिकल कॉलेज के डीन कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है। इसके बावजूद मौके पर जानकारी को लेकर बातचीत और बहस की स्थिति बनी।
डॉक्टर बोले—ड्यूटी डॉक्टरों को अनावश्यक परेशान करना उचित नहीं
मेडिसिन विभाग के डॉक्टरों ने बताया कि कम्युनिटी सेंटर मेडिकल कॉलेज के क्लिनिकल प्रैक्टिस के लिए आने वाले ड्यूटी डॉक्टरों के उपयोग का स्थान है। डॉक्टरों का मुख्य दायित्व मरीजों का उपचार और उनकी सेवा करना है। आरटीआई अथवा अन्य आधिकारिक जानकारी के लिए मेडिकल कॉलेज के मुख्य कार्यालय में डीन के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
डॉक्टरों का कहना है कि ड्यूटी के दौरान डॉक्टरों से इस तरह की जानकारी मांगकर उन्हें परेशान करना उचित नहीं है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित कार्यालय में आवेदन करने पर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
कांग्रेस नेता ने लगाए अस्पताल व्यवस्था पर गंभीर आरोप
वहीं कांग्रेस नेता आदित्य पाटील ने आरोप लगाया कि वे सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जिला चिकित्सालय पहुंचे थे, लेकिन वहां से मेडिकल कॉलेज की जानकारी होने की बात कही गई। जब मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो वहां से जिला चिकित्सालय की जानकारी होने का हवाला दिया गया। पाटील के अनुसार, इस तरह दोनों संस्थानों के बीच उन्हें भेजा जाता रहा और आवेदन लेने को लेकर भी आनाकानी की गई।
आदित्य पाटील ने बताया कि उन्होंने सोनोग्राफी मशीन, आयुष्मान योजना के तहत गर्भवती महिलाओं की सर्जरी, ब्लड जांच, मरीजों को रेफर किए जाने सहित जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगी है।
फेसबुक पोस्ट में अस्पताल व्यवस्था पर उठाए सवाल
घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कांग्रेस नेता आदित्य पाटील ने सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने अस्पताल में मरीजों को निजी अस्पतालों तक भेजने, आयुष्मान योजना के कथित दुरुपयोग, सर्जरी में इम्प्लांट और प्लेट के नाम पर मरीजों से अतिरिक्त राशि लिए जाने तथा अस्पताल परिसर में दलालों के सक्रिय होने जैसे आरोप लगाए।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में सभी व्यवस्थाएं नियमों के अनुसार संचालित हो रही हैं तो आरटीआई आवेदन स्वीकार करने में कथित आनाकानी क्यों की गई।
घटनाक्रम के बाद आज विधायक ने किया निरीक्षण
मामले के बीच कांग्रेस विधायक विपिन जैन ने आज सुबह जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विधायक ने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और विभिन्न व्यवस्थाओं से संबंधित जानकारी ली।

Author: Yogesh Porwal
वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।








