शाजापुर। ग्वालियर के एक बुजुर्ग चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय के साथ हुए 21.05 करोड़ रुपए के हाई-प्रोफाइल साइबर ठगी मामले में स्टेट साइबर सेल ग्वालियर की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस इस मामले में शाजापुर जिला पंचायत सदस्य और भाजपा नेता जगदीश मालवीय उर्फ जगदीश फौजी को पूछताछ के लिए अपने साथ ग्वालियर ले गई है।
स्टेट साइबर सेल द्वारा की जा रही जांच में यह बात सामने आई है कि सीए के साथ हुई ठगी की इस बड़ी रकम में से करीब 50 लाख रुपए संदिग्ध रूप से जगदीश फौजी के बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे। इसी वित्तीय लेन-देन के आधार पर पुलिस ने शाजापुर कोतवाली में शुरुआती पूछताछ के बाद उन्हें हिरासत में लिया और आगे की जांच के लिए ग्वालियर ले गई। इस मामले में पुलिस ने गत 10 जुलाई को एफआईआर दर्ज की थी और अब अन्य संदिग्ध खातों व मनी ट्रेल की गहराई से जांच की जा रही है।
जगदीश फौजी भारतीय सेना से सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। सेना की नौकरी छोड़ने के बाद वह राजनीति में आए और भारतीय जनता पार्टी से जुड़े।

वर्तमान में वह शाजापुर से जिला पंचायत सदस्य हैं। स्थानीय राजनीतिक हलकों में उन्हें उच्च शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार का बेहद करीबी माना जाता है।
राजनीति के अलावा, जगदीश फौजी स्कूल का संचालन भी करते हैं। चर्चा है कि शिक्षा विभाग से जुड़े कई कार्य उनके द्वारा मंत्री इंदरसिंह परमार के माध्यम से कराए जाते थे।
21 करोड़ से अधिक की इस विशाल साइबर ठगी के तार देश के कई हिस्सों और रसूखदार लोगों से जुड़ते नजर आ रहे हैं। स्टेट साइबर सेल यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जगदीश फौजी के खाते में आए 50 लाख रुपए किस एवज में आए थे और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस जल्द ही इस मामले में और भी बड़े खुलासे कर सकती है।
Author: Dashpur Disha
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