बोर्ड परीक्षा में गोपनीय सामग्री वितरण के बाद किए गए परिवर्तन, खेल प्रतियोगिताओं में हुए घोटाले पर भी लोकायुक्त ने जांच प्रकरण किया पंजीबद्ध!
बोर्ड परीक्षाओं में नियमों की अनदेखी कर केंद्राध्यक्ष एवं सहायक केंद्राध्यक्षों के बदलाव का मामला जिला शिक्षा अधिकारी टेरेसा मिंज के लिए मुश्किलें खड़ी करता नजर आ रहा है। गोपनीय सामग्री वितरण के बाद 9 अधिकारियों के परिवर्तन को नियमों के विरुद्ध मानते हुए जिला पंचायत सीईओ ने कार्रवाई की अनुशंसा की है। कलेक्टर के नोटिस के बाद भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मामला अब राजस्व संभाग आयुक्त, उज्जैन के पास पहुंच गया है।

दशपुर दिशा । योगेश पोरवाल
मंदसौर। शिक्षा विभाग में खेल प्रतियोगिताओं में अनियमितताओं के बाद अब जिला शिक्षा अधिकार टेरेसा मिंज एक और मामले को लेकर विवादों में हैं। आरोप है कि उन्होंने माध्यमिक शिक्षा मंडल के नियमों की अनदेखी करते हुए बोर्ड परीक्षाओं के लिए नियुक्त 9 सहायक केंद्राध्यक्ष एवं केंद्राध्यक्षों का गोपनीय सामग्री वितरण के बाद परिवर्तन कर दिया, जबकि ऐसा करने का अधिकार केवल माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव को है।
मामले की जानकारी जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुकूल जैन को मिलने पर उन्होंने पूरे प्रकरण का संज्ञान लिया। इसके बाद कलेक्टर अदिति गर्ग ने जिला शिक्षा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया। डीईओ द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर जिला पंचायत सीईओ ने राजस्व संभाग आयुक्त, उज्जैन को नियमानुसार कार्रवाई के लिए पत्र भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए केंद्राध्यक्ष और सहायक केंद्राध्यक्षों की नियुक्ति की जाती है। नियुक्ति के बाद संबंधित अधिकारियों को यदि कोई आपत्ति या समस्या हो तो निर्धारित अवधि में आवेदन देने का अवसर मिलता है। ऐसे मामलों में कलेक्टर की अनुशंसा के बाद ही परिवर्तन की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
लेकिन निर्धारित समय सीमा समाप्त होने और परीक्षा की गोपनीय सामग्री वितरण के बाद किसी भी केंद्राध्यक्ष या सहायक केंद्राध्यक्ष में बदलाव केवल माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव की अनुमति से ही किया जा सकता है।
नियमों के विरूद्ध जारी हुआ संशोधित आदेश
आरोप है कि डीईओ टेरेसा मिंज ने इन प्रावधानों की अनदेखी करते हुए गोपनीय सामग्री वितरण के बाद 9 केंद्राध्यक्ष एवं सहायक केंद्राध्यक्षों का परिवर्तन कर संशोधित आदेश जारी कर दिया। कलेक्टर द्वारा नोटिस दिए जाने पर डीईओ ने अपने जवाब में कहा कि संबंधित आवेदन पहले प्राप्त हो चुके थे, लेकिन समय रहते उन पर निर्णय नहीं लिया गया और बाद में परिवर्तन कर दिए गए।
सीईओ ने माना नियमों का उल्लंघन
जिला पंचायत सीईओ अनुकूल जैन ने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी ने नियमों के विपरीत केंद्राध्यक्ष एवं सहायक केंद्राध्यक्षों का परिवर्तन किया है, जबकि इसका अधिकार माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव को है। इसलिए नियमानुसार कार्रवाई के लिए राजस्व संभाग आयुक्त, उज्जैन को पत्र भेजा गया है।
लोकायुक्त में भी जांच प्रकरण दर्ज
इधर, जिला शिक्षा अधिकारी टेरेसा मिंज एवं शिक्षा विभाग के अन्य कर्मचारियों के विरुद्ध लोकायुक्त ने भी जांच प्रकरण पंजीबद्ध किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग में पिछले वर्षों में आयोजित खेल प्रतियोगिताओं में अनियमितताओं की शिकायत मिलने पर लोकायुक्त ने जांच शुरू कर दी है।
इस प्रकार, शिक्षा विभाग में एक के बाद एक सामने आ रहे मामलों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। अब आयुक्त स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
Author: Yogesh Porwal
वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।








