जेल में बंद आरोपी के वीडियो और पुलिस अभिरक्षा में लापरवाही के मामलों के बाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, महकमे में मचा हड़कंप
दशपुर दिशा । दीपक सोनी
रतलाम। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने रतलाम पुलिस और जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जेल में बंद आरोपी के वीडियो और पुलिस अभिरक्षा के दौरान सामने आई लापरवाही के मामलों के बाद पुलिस विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए स्टेशन रोड थाना प्रभारी सहित तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति है।

जेल में गैंगस्टर स्टाइल वीडियो से मचा बवाल
मामले की शुरुआत जानलेवा हमले के आरोपी बाबर खान के वायरल वीडियो से हुई। वीडियो में वह जेल परिसर में मुलाकात के दौरान गैंगस्टर स्टाइल में रील बनाते हुए दिखाई देता है। वह हाथों से पिस्टल का इशारा करता है और अपना पैर उठाकर दिखाता है। इस वीडियो के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठा कि कड़ी सुरक्षा वाली जेल के अंदर मोबाइल फोन कैसे पहुंचा और वीडियो किस तरह रिकॉर्ड किया गया। इस घटना ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चोट के दावे पर भी उठे सवाल
वायरल वीडियो ने पुलिस के उस दावे को भी कटघरे में ला खड़ा किया, जिसमें आरोपी के पैर में गंभीर चोट या फ्रैक्चर होने की बात कही गई थी। वीडियो में आरोपी सामान्य रूप से चलता-फिरता और पैर उठाता दिखाई दे रहा है। इसी तरह दीनदयाल नगर थाना क्षेत्र में एमसीएक्स सट्टा प्रकरण में गिरफ्तार कुछ आरोपियों के वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए, जिनमें पुलिस के सामने गंभीर चोट का दावा करने वाले आरोपी बाद में सामान्य स्थिति में नजर आए। इन घटनाओं ने पुलिस अभिरक्षा और मेडिकल दावों की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए।
तीन पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई की। पुलिस अभिरक्षा में लापरवाही के आरोप में स्टेशन रोड थाने के सहायक उपनिरीक्षक देवेंद्र सिंह सेंगर तथा दीनदयाल नगर थाने के प्रधान आरक्षक भूपेंद्र सिंह चौहान को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया गया।
वहीं एक अन्य महत्वपूर्ण कार्रवाई में स्टेशन रोड थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह जादौन को भी तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया। विभागीय सूत्रों के अनुसार, थाना प्रभारी के खिलाफ पूर्व में भी कार्यप्रणाली को लेकर शिकायतें सामने आती रही थीं। हालिया घटनाओं के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए यह निर्णय लिया।
जांच के बाद सामने आएंगे तथ्य
वायरल वीडियो के बाद जेल प्रशासन और पुलिस विभाग दोनों स्तर पर मामले की जांच जारी है। यह भी जांच का विषय है कि जेल परिसर में मोबाइल फोन कैसे पहुंचा, वीडियो किसने बनाया और पुलिस अभिरक्षा के दौरान सामने आई लापरवाहियों के लिए कौन जिम्मेदार है।
इन घटनाओं ने एक बार फिर पुलिस व्यवस्था, जेल सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर विभागीय जांच पर टिकी है, जिससे पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Author: Dashpur Disha
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