गरोठ। मध्य प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर पलीता लगाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्राम साठखेड़ा की एक गरीब महिला ने ग्राम पंचायत सचिव पर उसके पति की मृत्यु के बाद मिलने वाली अन्त्येष्टि सहायता राशि हड़पने का गंभीर आरोप लगाया है।
पीड़िता सुनीता मेघवाल , निवासी ग्राम साठखेड़ा तहसील गरोठ, ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत गरोठ को लिखित शिकायत सौंपते हुए न्याय की गुहार लगाई है। पत्र के अनुसार, सुनीता के पति नन्दकिशोर मेघवाल की अचानक मृत्यु 7 जनवरी 2025 को हो गई थी। शासन की संबल योजना के तहत अंतिम संस्कार और तात्कालिक सहायता के लिए 5,000 रुपये की राशि प्रदान की जाती है। सुनीता का आरोप है कि जब उसने ग्राम पंचायत में इस राशि की मांग की, तो सचिव द्वारा उसे यह कहकर टरका दिया गया कि “नियम बदल गए हैं और पैसा सीधे खाते में आएगा।”
पीड़िता ने शिकायत में बताया कि उसे बाद में जानकारी मिली कि सचिव ने उसके नाम का बिल लगाकर 5,000 रुपये की राशि निकाल ली है, लेकिन वह राशि आज तक सुनीता को नहीं मिली। तीन नाबालिग बेटियों की मां सुनीता, जो मजदूरी कर अपना जीवन यापन कर रही है, ने बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय है और उसे अपनी ही हक की राशि के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।यह मामला प्रशासन की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े करता है। अब देखना यह है कि जनपद पंचायत गरोठ इस भ्रष्टाचार के खिलाफ क्या सख्त कदम उठाती है।
शिकायती पत्र के माध्यम से पीड़िता ने मांग की है कि सचिव के विरुद्ध गबन की जांच की जाए। हड़पी गई सहायता राशि उसे तुरंत प्रदान की जाए। दोषी कर्मचारी पर उचित वैधानिक कार्यवाही हो।
यह कहना है इनका –
इस मामले में ग्राम पंचायत सचिव सुरेश चंद्र का कहना है कि मृत्यु के बाद ही मैने परिजनों को नकद राशि का भुगतान कर दिया था। मेरे पास सबके हस्ताक्षर वाला वाउचर भी है।
Author: Dashpur Disha
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