मंदसौर। राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मंदसौर के प्राचार्य डॉ.ज्योति स्वरूप दुबे एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। इस बार मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारियों कर्मचारी संघ (अजाक्स) ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि प्राचार्य कक्ष में भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर को उसके निर्धारित सम्मानजनक स्थान से हटाकर अलमारी के ऊपर एक कोने में लगा दिया गया है।
संघ ने पत्र क्रमांक अजाक्स/2622 दिनांक 12 मार्च 2026 के माध्यम से इसकी निष्पक्ष जांच कर उचित कार्यवाही करने की मांग की है।
क्या है आरोप
अजाक्स संघ के अनुसार, शासकीय कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में महापुरुषों की तस्वीरें लगाने के संबंध में शासन के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं। इन निर्देशों के मुताबिक डॉ.अंबेडकर की तस्वीर संस्था प्रमुख के कक्ष में प्रमुख स्थान पर—सामान्यतः उनके सिर के ऊपर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर के साथ—स्थापित की जाती रही है। पूर्व प्राचार्यों के समय यह तस्वीर ठीक इसी प्रोटोकॉल के अनुसार लगी हुई थी।
लेकिन वर्तमान प्राचार्य डॉ. ज्योति स्वरूप दुबे के कार्यकाल में बिना किसी स्पष्ट कारण या सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के इस तस्वीर को हटाकर अलमारी के ऊपर एक कोने में रख दिया गया। संघ ने इसे शासन प्रोटोकॉल की अवहेलना और संविधान निर्माता के सम्मान से खिलवाड़ बताया है।

अजाक्स का पत्र और मांगें
पत्र में संघ ने मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा आयुक्त से विनम्र निवेदन किया है कि निम्न बिंदुओं पर तत्काल जांच करवाई जाए:
1. डॉ. अंबेडकर की तस्वीर को निर्धारित स्थान से हटाकर अन्य स्थान पर लगाए जाने का औचित्य क्या है?
2. क्या इस परिवर्तन के लिए किसी सक्षम प्राधिकारी की लिखित अनुमति या आदेश प्राप्त किया गया था? यदि हाँ, तो उसका पूरा विवरण दें।
3. यदि यह परिवर्तन शासन दिशा-निर्देशों के विरुद्ध पाया गया तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाए।
4. तस्वीर को शासन प्रोटोकॉल के अनुरूप पुनः सम्मानजनक स्थान पर स्थापित कराया जाए।
अजाक्स ने चेतावनी दी है कि यह मामला सामाजिक संवेदनशीलता और संविधान निर्माता के सम्मान से जुड़ा है, इसलिए इसमें लापरवाही बरती गई तो समाज में असंतोष फैल सकता है।

यह पहला मौका नहीं है जब प्राचार्य डॉ.ज्योति स्वरूप दुबे विवाद में आए हैं। इससे पहले भी विभिन्न मुद्दों पर उनकी भूमिका पर सवाल उठ चुके हैं। वर्तमान मामले में अजाक्स का पत्र अब मुख्यमंत्री कार्यालय और उच्च शिक्षा विभाग पहुंच गया है। इस मामले में कॉलेज एक ही पूर्व प्राचार्य और प्राध्यापक डॉ.आरके वर्मा ने भी दिनांक 10/03/2026 को सचिव स्टाफ काउंसिल पीजी कॉलेज मंदसौर के समक्ष अपनी लिखित आपत्ति दर्ज करवाई थी।
Author: Yogesh Porwal
वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।









