सांड की टक्कर से घायल सुधीर चौहान की मौत के मामले ज्ञानोदय अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों के आरोप सिरे से किए खारिज

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नीमच। सांड के धक्के से गंभीर रूप से घायल हुए सुधीर चौहान की मौत के बाद परिजनों द्वारा जिला अस्पताल, ज्ञानोदय मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल और एम्बुलेंस चालक पर लगाए गए गंभीर आरोपों को अस्पताल प्रबंधन ने पूरी तरह बेबुनियाद और तथ्यहीन करार दिया है। अस्पताल की ओर से जारी प्रेस नोट और मीडिया से बातचीत में प्रबंधन ने सभी आरोपों का खंडन किया और कहा कि इलाज आयुष्मान योजना के तहत हुआ, मात्र 15 हजार रुपये ही जमा कराए गए थे।
ज्ञानोदय मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के आयुष्मान हेड डॉ.प्रदीप जैन ने बताया कि 2 मार्च की रात सुधीर चौहान को बेहद नाजुक हालत में अस्पताल लाया गया था। परिजनों ने बताया कि इंदिरा नगर के भगवानपुरा चौराहे पर सांड के धक्के से वह घायल हुए थे। डॉ. जैन के अनुसार, मरीज अस्पताल पहुंचते ही अचेत अवस्था में था, आंखों की पुतलियां फैली हुई थीं और कान से खून बह रहा था। हालत को देखते हुए परिजनों की सहमति से तुरंत ऑपरेशन किया गया और मरीज को आईसीयू में भर्ती कर लगातार इलाज चला।
अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि आयुष्मान कार्ड की जानकारी अगले दिन दी गई, जिसके बाद पूरा इलाज आयुष्मान योजना के अंतर्गत किया गया। आपातकालीन जांच और सुरक्षा निधि के रूप में केवल 15 हजार रुपये जमा कराए गए थे।
अस्पताल के डायरेक्टर राजा चौरसिया ने दो लाख रुपये नकद लेने के आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा, “यह आरोप पूरी तरह झूठे हैं। अस्पताल में चारों तरफ सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, कोई भी इनकी जांच कर सकता है। अगर किसी ने पैसा दिया है तो उसकी रसीद जरूर होगी। हमारे रिकॉर्ड में केवल 15 हजार रुपये ही जमा हैं, बाकी इलाज आयुष्मान योजना से हुआ है।”
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह आमलीखेड़ा ने भी मामले में महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने बताया कि सांड की टक्कर के बाद वे खुद सुधीर को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे और राहत कार्य में लगे रहे। सिंह के अनुसार, जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने ज्ञानोदय भेजने के लिए कोई दबाव नहीं बनाया, बल्कि केवल रेफर करने की सलाह दी थी। परिजनों ने अटेंडर की कमी के कारण अपनी मर्जी से मरीज को ज्ञानोदय अस्पताल ले जाया। उन्होंने एम्बुलेंस चालक को भी निर्दोष बताया और कहा कि दो लाख रुपये नकद लेने वाली बात उन्हें भी सही नहीं लगती। इलाज पूरी तरह आयुष्मान योजना से ही हुआ।
हालांकि परिजनों की ओर से अब तक कोई नया बयान सामने नहीं आया है। मरीज की मौत के बाद अस्पताल में प्रदर्शन कर रहे शुभचिंतकों ने भी परिजनों से बात करने की अपील की है। स्थानीय मीडिया ने मृतक के परिजनों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन पर कोई जवाब नहीं मिल सका।

Dashpur Disha
Author: Dashpur Disha

दशपुर दिशा समाचार पत्र भारत के प्रेस महापंजीयक कार्यालय नई दिल्ली से पंजीकृत है। दशपुर दिशा मालवांचल में खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित समाचार पत्र है। www. dashpurdisha.com हमारी अधिकृत वेबसाइट है।

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