विधानसभा में मन्दसौर विधायक विपिन जैन के पत्रकार सुरक्षा कानून पर प्रश्न के जवाब में ठोस जवाब नहीं दे पाई सरकार, केवल तीन शब्द ‘प्रतिबद्ध’, ‘अध्ययन’ और “सुझाव” में सिमट गया जवाब

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भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में पत्रकारों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले कानून को लेकर सरकार ने एक बार फिर से अपना असली चेहरा दिखा दिया। मंदसौर से विधायक विपिन जैन के स्पष्ट सवाल का जवाब देते हुए राज्यमंत्री धर्मेंद्र राव सिंह लोधी ने न तो कोई समयसीमा बताई, न कोई ठोस कार्ययोजना रखी—बस पुरानी रट लगाई और सवाल से पल्ला झाड़ लिया।

विधायक विपिन जैन ने सीधा सवाल पूछा था—
“कब तक बनेगा पत्रकार सुरक्षा कानून?”

मंत्री महोदय का जवाब था— “सरकार प्रतिबद्ध है… अन्य राज्यों का अध्ययन कर रही है… विशेषज्ञों से सुझाव ले रही है…”। यानी 2023 में बनी समिति की बैठकें हुईं या नहीं, उनमें क्या फैसले हुए, कब तक रिपोर्ट आएगी—इस पर एक शब्द नहीं। बस अधिमान्य पत्रकारों को मिलने वाली सुविधाओं की लंबी फेहरिस्त पढ़कर पूरा सवाल खत्म कर दिया गया।

डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार पत्रकारों के “सम्मान और सुरक्षा” के प्रति “प्रतिबद्ध” होने का दावा करती है, लेकिन जब सवाल आता है तो जवाब में सिर्फ़ “प्रतिबद्धता” और “अध्ययन” के शब्द घूमते रहते हैं। हकीकत यह है कि प्रदेश में पत्रकारों पर हमले, धमकियाँ और जानलेवा घटनाएँ लगातार हो रही हैं, लेकिन सरकार को अभी भी “अध्ययन” करने में ही साल बीत रहे हैं।

2023 में गठित समिति की क्या स्थिति है? उसकी बैठकें कब हुईं? रिपोर्ट कब आएगी?—ये सवाल पूछने पर राज्यमंत्री ने चुप्पी साध ली या फिर अधिमान्य पत्रकारों की सुविधाओं का ब्योरा देकर विषय बदल दिया। साफ़ है कि सरकार पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की बात को सिर्फ़ वोट बैंक और छवि सुधारने का नारा बनाकर रखना चाहती है, लेकिन अमल करने की नीयत नहीं रखती।

जब सत्ता पक्ष खुद अपने वादों पर खरा नहीं उतर रहा, तो विपक्ष और पत्रकार समाज का सवाल जायज है—क्या डॉ. मोहन यादव सरकार पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है या फिर सिर्फ़ “प्रतिबद्धता” के खोखले शब्दों से काम चला रही है?

मध्यप्रदेश के पत्रकार अब इंतजार नहीं, जवाब माँग रहे हैं। वादों की नहीं, कानून की। वक्त आ गया है कि सरकार टालमटोल बंद करे और पत्रकार सुरक्षा कानून को अमली जामा पहनाए। वरना यह “प्रतिबद्धता” सिर्फ़ विधानसभा के रिकॉर्ड में दर्ज होकर रह जाएगी।

Dashpur Disha
Author: Dashpur Disha

दशपुर दिशा समाचार पत्र भारत के प्रेस महापंजीयक कार्यालय नई दिल्ली से पंजीकृत है। दशपुर दिशा मालवांचल में खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित समाचार पत्र है। www. dashpurdisha.com हमारी अधिकृत वेबसाइट है।

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