गुप्ता नर्सिंग होम में मरीज की मौत, बिना सहमति पोस्टमार्टम से परिजनों में आक्रोश, बंजारा समाज ने दिया धरना

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नीमच। नीमच के डाक बंगला रोड स्थित गुप्ता नर्सिंग होम एक बार फिर विवादों में है। मंगलवार शाम को भर्ती मरीज सत्यनारायण बंजारा की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों और बंजारा समाज ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया। बुधवार सुबह परिजनों और समाजजनों ने नर्सिंग होम के बाहर धरना शुरू कर दिया। मामला तब और गरमाया जब बिना परिजनों की सहमति के मृतक का पोस्टमार्टम कर दिया गया। आक्रोशित परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया और डॉ. संजय गुप्ता के खिलाफ एफआईआर की मांग की।

मौत और बिना सहमति पोस्टमार्टम से भड़का गुस्सा
सोमवार शाम को सत्यनारायण बंजारा को तबीयत बिगड़ने पर गुप्ता नर्सिंग होम में भर्ती किया गया था। मंगलवार शाम उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में लापरवाहीपूर्वक इलाज के कारण उनकी जान गई। रात में नीमच सिटी पुलिस ने आक्रोशित परिजनों को समझाकर मामला शांत किया, लेकिन बुधवार सुबह बंजारा समाज के लोग बड़ी संख्या में जिला अस्पताल पहुंचे और धरने पर बैठ गए। परिजनों ने आरोप लगाया कि बिना उनकी सहमति के पोस्टमार्टम किया गया, जिससे आक्रोश और बढ़ गया।

बंजारा समाज की मांग: एफआईआर और सख्त कार्रवाई
बंजारा समाज के नेता आर. सागर कच्छावा ने कहा कि गुप्ता नर्सिंग होम में पिछले छह महीनों में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनासा के एक झोलाछाप डॉक्टर और गुप्ता नर्सिंग होम की मिलीभगत से मरीजों की जान जा रही है। कच्छावा ने दावा किया कि झोलाछाप डॉक्टरों के पास हालत बिगड़ने पर मरीजों को गुप्ता नर्सिंग होम भेजा जाता है, जहां लापरवाही के कारण मौतें हो रही हैं। समाज ने मांग की कि जब तक डॉ. संजय गुप्ता और सहयोगियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होती, तब तक शव नहीं लिया जाएगा।

गुप्ता नर्सिंग होम के खिलाफ जनता में गुस्सा
गुप्ता नर्सिंग होम में यह पहला मामला नहीं है। पहले भी कई मरीजों की मौत के मामले सामने आ चुके हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि रसूख और पैसे के दम पर अस्पताल कार्रवाई से बचता रहा है। विभिन्न समुदायों में अस्पताल के खिलाफ आक्रोश बढ़ रहा है और लोग नर्सिंग होम को सील करने की मांग कर रहे हैं।

कलेक्टर ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने एसडीएम संजीव साहू की अध्यक्षता में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। एसडीएम साहू ने बताया कि जांच के बाद तथ्यों के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। मौके पर सीएसपी किरण चौहान और पुलिस बल ने भीड़ को समझाने की कोशिश की, लेकिन परिजन और समाजजन एफआईआर की मांग पर अड़े रहे। परिजनों ने दोबारा पोस्टमार्टम की मांग भी उठाई है।

बंजारा समाज और परिजनों ने स्पष्ट किया कि जब तक दोषी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। गुरुवार को आक्रोश के और बढ़ने की संभावना है। स्थानीय प्रशासन के लिए यह मामला चुनौती बना हुआ है, क्योंकि गुप्ता नर्सिंग होम के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं।

Yogesh Porwal
Author: Yogesh Porwal

वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।

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