मंदसौर। गौ आरोग्य सेवा समिति के अध्यक्ष ओम बड़ोदिया ने मंदसौर जिले में कुत्तों (श्वानों) के साथ हो रहे क्रूरतापूर्ण व्यवहार को रोकने की मांग की है। उन्होंने कलेक्टर श्रीमती अदिति गर्ग से मुलाकात कर इस मुद्दे पर तत्काल कार्रवाई की अपील की। इस दौरान बड़ोदिया ने समिति द्वारा मूक पशु-पक्षियों के कल्याण के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी साझा की।
बड़ोदिया ने बताया कि उनकी समिति पिछले 13 वर्षों से मूक प्राणियों की सेवा में सक्रिय है। उन्होंने कलेक्टर का ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि मंदसौर जिले में नगरपालिका और नगर परिषदों द्वारा कुत्तों को पकड़ने के लिए कैंची का उपयोग किया जा रहा है, जो अमानवीय और क्रूर है। इस प्रक्रिया में कुत्तों को गंभीर चोटें लग रही हैं, और कई मामलों में उनकी मृत्यु तक हो रही है। उन्होंने कहा, “कर्मचारी कैंचियों से कुत्तों को पकड़कर, घसीटकर कचरा वाहन या पशु वाहनों में बेरहमी से फेंक रहे हैं, जो बेहद शर्मनाक है।”

बड़ोदिया ने बताया कि कुत्तों को बिना नुकसान पहुंचाए पकड़ने के लिए जाल उपलब्ध हैं, जिनका उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक निर्णय में कैंची से पशुओं को पकड़ने पर रोक लगाई है।
उन्होंने कलेक्टर से अनुरोध किया कि मंदसौर जिले की नगरपालिका और सभी नगर परिषदों को तत्काल कैंची का उपयोग बंद करने के आदेश जारी किए जाएं। साथ ही, उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से कुत्तों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने और जाल का उपयोग करने की अपील की। इसके अलावा, उन्होंने प्रत्येक नगरपालिका और नगर परिषद क्षेत्र में डाग शेल्टर स्थापित करने की मांग की, ताकि इन बेजुबान जानवरों को सुरक्षित रखा जा सके।
कलेक्टर श्रीमती गर्ग ने इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया है। यह कदम मंदसौर जिले में पशु कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है।
Author: Yogesh Porwal
वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।









