(दशपुर दिशा दीपक सोनी)
रतलाम। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भले ही प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति का दावा करती हो, लेकिन जावरा में विभाग की लापरवाही लोगों की जान के लिए खतरा बन रही है। नियमों को ताक पर रखकर अवैध और अविकसित कॉलोनियों में बिजली के खंभों पर मीटर लगाए गए हैं, वह भी खुले में और कई बार तो जमीन से महज एक फीट की ऊंचाई पर। इससे न केवल बिजली चोरी की आशंका बनी हुई है, बल्कि बच्चों सहित आम लोगों को करंट लगने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
नियमों की अनदेखी, हादसे की आशंका
जावरा के टेलीफोन एक्सचेंज के पीछे स्थित अमर द्वीप कॉलोनी, पहाड़िया रोड और अन्य अवैध कॉलोनियों में बिजली मीटरों की स्थिति चिंताजनक है। नियमों के अनुसार, मीटरों को सुरक्षित बॉक्स में और निश्चित ऊंचाई पर लगाया जाना चाहिए ताकि छेड़छाड़, बिजली चोरी और बारिश से बचाव हो सके। लेकिन यहां मीटर खुले में, कम ऊंचाई पर और नंगी तारों के साथ लगाए गए हैं। कई जगह तो मकानों से 300-400 मीटर दूर के खंभों पर मीटर लगाए गए हैं, जिन्हें सहायक खंभों और केबलों के जरिए जोड़ा गया है। केबलों के भार से सहायक खंभे भी झुक गए हैं। एक खंभे पर 22 से अधिक मीटर और केबलें लटकी हुई हैं, जिससे खंभे की स्थिति दयनीय हो चुकी है।

लटकते मीटर, बच्चों को खतरा
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कम ऊंचाई पर लगे मीटरों को छोटे बच्चे आसानी से छू सकते हैं, जिससे करंट लगने का डर बना हुआ है। एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मीटर जमीन के पास लटक रहे हैं और बिजली आपूर्ति चालू है। यदि कोई वाहन खंभे से टकराए या आकाशीय बिजली गिरी, तो बड़ा हादसा हो सकता है। इसके अलावा, एक मीटर में शॉर्ट सर्किट होने पर सभी मीटर जलने और केबलों को नुकसान पहुंचने का खतरा है। हैरानी की बात यह है कि खराब केबलों को बदलने के लिए विभाग उपभोक्ताओं से ही नई केबल खरीदने को कहता है।
नागरिकों की मांग, जांच की जरूरत
स्थानीय लोगों ने पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सीएमडी और रतलाम के अधीक्षक यंत्री से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि नियमों की अनदेखी कर किए गए इस कार्य की जांच हो और जावरा में बिजली मीटरों को सुरक्षित तरीके से लगाया जाए ताकि हादसों को रोका जा सके।
जावरा में बिजली विभाग की लापरवाही न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह लोगों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ भी है। समय रहते इस स्थिति को सुधारना जरूरी है, वरना किसी बड़े हादसे की जिम्मेदारी विभाग को ही लेनी होगी।
Author: Dashpur Disha
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