विधायक विपिन जैन के विधानसभा प्रश्न से आई चौंकाने वाली जानकारी, हजारों शिकायतों के बावजूद भी विद्युत विभाग और पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं ऑइल चोर
सवाल ये उठता है कि सरकारी माल है इसलिए या तो विभाग शिकायत नही करता या फिर पुलिस ऑइल चोरो को पकड़ने में नाकाम साबित हो रही

मंदसौर। विधानसभा सत्र के दौरान मंदसौर विधानसभा के विधायक विपिन जैन द्वारा मंदसौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ट्रांसफार्मरो से ऑइल चोरी की घटनाओं को लेकर जानकारी चाही तो विभाग द्वारा जो जानकारी प्रेषित की गई है उससे सब आश्चर्यचकित हो गए हैं।
ज्ञात हो कि पिछले तीन वर्षों में मंदसौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत किसानों और विभागों के अन्य विद्युत वितरण ट्रांसफार्मरो से ऑइल चोरी की कुल 3167 सूचनाए, शिकायते प्राप्त हुई है और मात्र दो प्रकारणों मे ही पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई है और वह भी अज्ञात व्यक्ति पर । विपिन जैन द्वारा बजट सत्र के दौरान प्रश्न क्रमांक 1164 के माध्यम से विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत यह जानकारी मांगी गई थी। आए दिन किसानो और जनता से यह सूचनाओं प्राप्त होती रहती हैं कि उनके ट्रांसफार्मरो से ऑइल चोरी हो गया है जिसके कारण तीन-तीन, चार-चार दिनों से विद्युत सप्लाई बंद रहती है। जिसके कारण किसानों की फैसले भी चौपट रहती है और आम जनता भी विद्युत सप्लाई के कारण प्रभावित होती है बता दे कि किसानो के निजी ट्रांसफार्मरो में ऑइल चोरी होने से उन्हें स्वयं डीपियो में ऑइल भरवाना पड़ता है और विभागीय और अनुदान प्राप्त ट्रांसफार्मर में विभाग ट्रांसफार्मरो में ऑइल की पूर्ति करता है। ऑइल चोरी हो जाने से ट्रांसफार्मरो के जलने का भी शत प्रतिशत संभावना रहती है। जिससे विभाग को दोहरी मार झेलना पड़ती है और अगर कीमत की बात करें तो 1 लीटर ऑइल की कीमत 90 रु लीटर के लगभग होती है वही 25 किलोवाट के ट्रांसफार्मर में अनुमानित 90 लीटर ऑइल लगता है तो आप अनुमान लगा लीजिए की विभिन्न क्षमताओ वाले ट्रांसफार्मरो में कितनें रुपयों का ऑइल चोरी होता होगा । सबसे मजे की बात यह है ना तो विभाग और नहीं पुलिस प्रशासन इसे गंभीरता से ले रहा है जिसके कारण दोनों ही विभागों पर सवालिए निशान खड़े हो रहे हैं पूरे जिले और पूरे प्रदेश की यदि बात करें तो वर्ष भर में करोड़ो रुपए की बर्बादी सिर्फ ऑइल चोरी होने के कारण ही हो रही है और ऑइल चोर इस ऑइल को चोरी करने के बाद कहां बेच रहे हैं ?, कहां ले जा रहे हैं? इसकी जानकारी ना तो विभाग के पास है ना पुलिस प्रशासन के पास। मंदसौर विधायक विपिन जैन द्वारा मांग की गई है कि शीघ्र ही विभाग और पुलिस प्रशासन संयुक्त पहल कर किसानो की इस समस्या का स्थाई समाधान करें ताकि किसानों के साथ-साथ शासन पर भी इसका आर्थिक बोझ ना पड़े ।
Author: Yogesh Porwal
वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।









