गांधीसागर में बढ़ा चीतों का कुनबा, CM मोहन यादव ने मादा चीता ‘राधा’ को किया रिलीज

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कूनो के बाद गांधीसागर बना देश का दूसरा प्रमुख चीता आवास, 64 वर्ग किमी क्षेत्र में विकसित किया गया सुरक्षित आवास

मंदसौर। मध्यप्रदेश में चीता पुनर्स्थापन एवं संरक्षण परियोजना के विस्तार की दिशा में रविवार को एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य के सॉफ्ट रिलीज बाड़े में कूनो राष्ट्रीय उद्यान से लाई गई मादा चीता को रिलीज किया। इस मादा चीता का नाम ‘राधा’ रखा गया है।
राधा के गांधीसागर पहुंचने के साथ ही यहां चीतों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। गांधीसागर में अब दो नर और दो मादा चीते मौजूद हैं।

कूनो के बाद गांधीसागर में चीता संरक्षण का विस्तार
भारत में चीता पुनर्स्थापन परियोजना के तहत कूनो राष्ट्रीय उद्यान के साथ अन्य उपयुक्त वन्यजीव क्षेत्रों को भी विकसित किया जा रहा है। इसी क्रम में गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य को देश में चीतों के दूसरे प्रमुख आवास के रूप में विकसित किया जा रहा है।
अप्रैल 2025 में नर चीते प्रभास और पावक को गांधीसागर लाया गया था। इसके बाद यहां चीता संरक्षण और प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं को लगातार मजबूत किया गया। गांधीसागर में पहले से प्रभास और पावक के साथ मादा चीता धीरा मौजूद थी। अब राधा के आने से चीतों की संख्या चार हो गई है।

64 वर्ग किलोमीटर में तैयार किया गया चीता आवास
गांधीसागर में चीतों के लिए करीब 64 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में संरक्षित आवास तैयार किया गया है। यहां सॉफ्ट रिलीज बाड़े के साथ निगरानी और प्रबंधन की आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं।
चीतों की सुरक्षित निगरानी और प्रबंधन के लिए वन विभाग के कर्मचारियों तथा वन्यजीव गाइडों को प्रशिक्षण भी दिया गया है। परियोजना के तहत चीतों के अनुकूल प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ वैज्ञानिक निगरानी और प्रभावी प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है।

वन्यजीव पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा
गांधीसागर में चीता परियोजना के विस्तार से क्षेत्र में वन्यजीव पर्यटन को नई गति मिलने की संभावना है। चीतों की मौजूदगी पर्यटकों के लिए आकर्षण का नया केंद्र बन सकती है।
इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर वन्यजीव गाइड, होमस्टे, परिवहन और अन्य पर्यटन आधारित सेवाओं के विकास के अवसर भी बढ़ सकते हैं। मंदसौर और नीमच क्षेत्र के लिए गांधीसागर का विकास पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

देश में चीता संरक्षण का बढ़ता दायरा
प्रोजेक्ट चीता के चार वर्ष पूरे होने के साथ भारत में चीतों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उनके लिए नए उपयुक्त आवास विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार 18 सितंबर 2026 तक देश में चीतों की कुल संख्या 56 बताई गई थी।
गांधीसागर में मादा चीता राधा का पुनर्स्थापन परियोजना के विस्तार की दिशा में एक और कदम है। आने वाले समय में वैज्ञानिक निगरानी, आवास प्रबंधन और संरक्षण प्रयासों के जरिए गांधीसागर को देश के प्रमुख वन्यजीव संरक्षण केंद्रों में विकसित करने पर जोर रहेगा।
कार्यक्रम में मनासा विधायक माधव मारू एवं गरोठ-भानपुरा विधायक चंद्रसिंह सिसोदिया सहित संबंधित अधिकारी और वन विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।

Dashpur Disha
Author: Dashpur Disha

दशपुर दिशा समाचार पत्र भारत के प्रेस महापंजीयक कार्यालय नई दिल्ली से पंजीकृत है। दशपुर दिशा मालवांचल में खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित समाचार पत्र है। www. dashpurdisha.com हमारी अधिकृत वेबसाइट है।

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