13 साल का भरोसा फिर कायम, जावरा पुलिस ने खोज निकाले घटना के पीछे के बच्चे
दशपुर दिशा । दीपक सोनी
जावरा। बेजुबान श्वान पर भारी पत्थर फेंकने की अमानवीय घटना को लेकर सोशल मीडिया पर उठी आवाज आखिरकार पुलिस की कार्रवाई तक पहुंच गई। घटना के बाद शहरभर में आक्रोश था और लोगों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई थी। ऐसे में जावरा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए धुंधली तस्वीरों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।

घटना की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस से ऐसे असामाजिक तत्वों को तलाशकर कार्रवाई करने का आग्रह किया गया था। जावरा नगर के सीएसपी युवराज, शहर थाना प्रभारी दीपक मंडलोई के निर्देशन में पुलिस टीम ने लगातार प्रयास किए। टीम में ललित जगावत, राहुल उपाध्याय, नारायण सिंह और दीपक यादव ने विशेष मेहनत की।
धुंधली तस्वीर बनी चुनौती, पुलिस ने तलाशे तीन नाबालिग
पुलिस की मेहनत का परिणाम उस समय सामने आया, जब संबंधित व्यक्ति को थाने बुलाकर बताया गया कि घटना में शामिल तीन नाबालिग बच्चों की पहचान कर ली गई है। बच्चों के साथ उनके अभिभावक भी थाने पहुंचे।
चूंकि बच्चे नाबालिग थे, इसलिए उनकी पहचान, नाम-पता और अन्य व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। थाना प्रभारी से चर्चा के बाद बच्चों और उनके अभिभावकों को भविष्य में ऐसी घटना दोबारा नहीं करने की कड़ी समझाइश दी गई तथा अभिभावकों को भी बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान देने की हिदायत दी गई।
पुलिस की कार्रवाई ने जीता भरोसा
घटना के बाद शहरवासियों में यह सवाल था कि आखिर बेजुबान जानवर के साथ ऐसी हरकत करने वालों तक पुलिस कब पहुंचेगी। जावरा पुलिस की टीम ने इस चुनौती को स्वीकार किया और सीमित व धुंधले फोटो के बावजूद आरोपियों तक पहुंच बनाई।
पुलिस की इस कार्रवाई से यह संदेश भी गया कि सोशल मीडिया पर उठी जायज आवाज अगर जिम्मेदारी और कानून के दायरे में हो, तो उस पर कार्रवाई भी संभव है।
जनता के आक्रोश ने भी निभाई अहम भूमिका
घटना की व्यापक निंदा करने वाले शहरवासियों का भी आभार जताया गया। लोगों ने बेजुबान पर हुई इस हरकत को गलत बताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी। जनआक्रोश और पुलिस की मेहनत के बाद आखिरकार घटना में शामिल बच्चों की पहचान हो सकी।
₹42 हजार इनाम की घोषणा, पुलिस टीम ने लेने से किया इनकार
घटना के आरोपियों को तलाशने में मदद करने वाले व्यक्ति के लिए समाजसेवी रवि खारीवाल और पंकज कांठेड़ द्वारा ₹42 हजार के इनाम की घोषणा की गई थी। हालांकि पुलिस थाना प्रभारी दीपक मंडलोई और उनकी टीम ने इनाम लेने से साफ इनकार कर दिया।
इसके बावजूद घोषणा के अनुसार यह राशि पुलिस टीम के सम्मान के लिए रविवार को सीएसपी युवराज को सौंपने की बात कही गई है।
“वादा किया था, ढूंढ निकालूंगा”—और ललित जगावत ने कर दिखाया
इस पूरी कार्रवाई में पुलिसकर्मी ललित जगावत की भूमिका को विशेष रूप से सराहा गया। घटना के बाद उन्होंने भरोसा दिलाया था कि आरोपियों को तलाशने में पूरी कोशिश करेंगे। आखिरकार टीम के प्रयास रंग लाए और तीन नाबालिगों की पहचान सामने आ गई।
Author: Dashpur Disha
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