अंतरमंत्रालयीन लिपिक सेवा के कर्मचारियों के ज्ञापन पर विधायक विपिन जैन ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
दशपुर दिशा । योगेश पोरवाल
मंदसौर। अंतरमंत्रालयीन लिपिक सेवा से जुड़े कर्मचारियों की सहायक ग्रेड-3 के वेतनमान में विसंगति दूर करने तथा अनुकंपा नियुक्त सहायक ग्रेड-3 कर्मचारियों को CPCT परीक्षा के कारण सेवा से पृथक नहीं करने की मांग को लेकर आज मध्यप्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष प्रमोद गौतम के नेतृत्व में मन्दसौर विधायक विपिन जैन को ज्ञापन प्रस्तुत किया है। ज्ञापन में मंत्रालय के सहायक ग्रेड-3 और विभागाध्यक्ष एवं उनके अधीनस्थ कार्यालयों में कार्यरत सहायक ग्रेड-3 के वेतनमान में समानता की मांग की गई है।

ज्ञापन में वित्त विभाग के 24 जनवरी 2008 तथा 28 फरवरी एवं 4 मार्च 2013 के पत्रों का हवाला देते हुए कहा गया है कि मंत्रालय के तृतीय श्रेणी सहायक ग्रेड-3 को द्वितीय उच्चतर समयमान वेतनमान में 4500-7000 के स्थान पर 5500-9000 का लाभ दिया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि इसी प्रकार का लाभ विभागाध्यक्ष एवं उनके अधीनस्थ कार्यालयों में कार्यरत सहायक ग्रेड-3 कर्मचारियों को भी दिया जाना चाहिए।

मंत्रालय भत्ते का भी दिया हवाला
ज्ञापन में मंत्रालय के सहायक ग्रेड-3 को सचिवालय (मंत्रालय) भत्ते के रूप में प्रतिमाह अतिरिक्त राशि दिए जाने का भी उल्लेख किया गया है। कर्मचारियों ने मंत्रालय एवं अमंत्रालयीन सेवा में समान पद, योग्यता और कार्य के आधार पर वेतनमान में समानता की मांग की है। उनका तर्क है कि समान कार्य के लिए समान वेतन का सिद्धांत लागू होना चाहिए।
CPCT के कारण अनुकंपा नियुक्त कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने पर आपत्ति
ज्ञापन में मृत शासकीय कर्मचारियों के आश्रितों को दी गई अनुकंपा नियुक्ति के दौरान CPCT परीक्षा की अनिवार्यता को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई है। कर्मचारियों का कहना है कि CPCT की कंडिका 6.5 के कारण प्रदेश के विभिन्न विभागों में कुछ अनुकंपा नियुक्त सहायक ग्रेड-3 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं। इससे दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न होने की बात कही गई है।
ज्ञापन में कहा गया कि अनुकंपा नियुक्ति का मूल उद्देश्य दिवंगत शासकीय सेवक के परिवार का भरण-पोषण सुनिश्चित करना है। ऐसे में केवल CPCT परीक्षा में निर्धारित दक्षता पूरी नहीं कर पाने के कारण सेवा समाप्त करना परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा कर देता है।
3 माह का प्रशिक्षण देकर विभागीय परीक्षा कराने का सुझाव
कर्मचारियों ने मांग की है कि अनुकंपा नियुक्त कार्यालय सहायक ग्रेड-3 को CPCT के स्थान पर तीन माह का कंप्यूटर एवं टाइपिंग प्रशिक्षण दिया जाए। प्रशिक्षण के बाद विभागीय परीक्षा आयोजित कर दक्षता का परीक्षण किया जाए। साथ ही CPCT की कंडिका 6.5 में सेवा से पृथक करने के प्रावधान को समाप्त करने की मांग की गई है।
ज्ञापन में CPCT के कारण जिन सहायक ग्रेड-3 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं, उनकी सेवाएं बहाल करने तथा 40 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके कर्मचारियों को टाइपिंग परीक्षा से छूट देने का प्रावधान CPCT में भी लागू करने की मांग रखी गई है।
ज्ञापन पर विधायक विपिन जैन ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
मध्यप्रदेश लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ मन्दसौर इकाई द्वारा प्रस्तुत दोनों ज्ञापनों को लेकर मंदसौर विधायक विपिन जैन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। विधायक जैन ने कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री से प्रकरण पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर उचित एवं सकारात्मक कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया है।
Author: Yogesh Porwal
वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।








