विधायक चंदर सिंह सिसोदिया के सामने ग्रामीणों ने उठाई सड़क की बदहाली की समस्या, भानपुरा थाने में शिकायत; भाजपा नेता अनिल राठौर ने मारपीट के आरोपों को बताया निराधार और बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया
भानपुरा। मंदसौर जिले की गरोठ विधानसभा क्षेत्र के भानपुरा तहसील अंतर्गत ग्राम अरनिया चारण में समरसता संकल्प अभियान यात्रा के दौरान सड़क की बदहाली को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम अरनिया चारण से बाबुल्दा होते हुए ईंट भट्टे तक जाने वाले मार्ग की खराब हालत की शिकायत करने पहुंचे एक ग्रामीण के साथ भाजपा नेता द्वारा कथित तौर पर मारपीट और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया।

घटना को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें गरोठ विधायक चंदर सिंह सिसोदिया वाहन से उतरकर ग्रामीणों से बातचीत करते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में विधायक के द्वारा कथित तौर पर ग्रामीणों से तीखे लहजे में यह पूछते हुए सुना जा सकता है कि “ओये गांव वाले… इधर आना… कौन बोल रहा है… कौन बोल रहा है?”।
ग्रामीण ने थाने में दिया शिकायत आवेदन
घटना के संबंध में एक ग्रामीण ने भानपुरा पुलिस थाने में शिकायत आवेदन सौंपकर भाजपा मंडल महामंत्री भानपुरा अनिल राठौर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार, 6 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 2 बजे ग्राम बाबुल्दा धौरा में कलश वंदना यात्रा के दौरान ग्रामीण विधायक चंदर सिंह सिसोदिया को सड़क की समस्या बता रहे थे। इसी दौरान शिकायतकर्ता का आरोप है कि अनिल राठौर ने उसके साथ सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज करते हुए मारपीट की और धमकी दी।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मौके पर वीडियो बना रहे कुछ लोगों के मोबाइल फोन छीने गए तथा शिकायतकर्ता की जाति को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी और धमकी दी गई। ग्रामीण ने राजनीतिक रसूख का हवाला देते हुए अपनी जान-माल की सुरक्षा की मांग की है।
भाजपा नेता बोले- विवाद जैसी कोई बात नहीं
वहीं, मामले में भाजपा मंडल महामंत्री भानपुरा अनिल राठौर से चर्चा की गई तो उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विवाद जैसी कोई बात नहीं हुई थी। उनके अनुसार, मौके पर सड़क रिपेयरिंग का विषय सामने आया था और इसी को लेकर बहस हुई थी, लेकिन किसी प्रकार का विवाद या मारपीट नहीं हुई। उन्होंने कहा कि मामले को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया जा रहा है।
सड़क की समस्या से शुरू हुई बात विवाद तक पहुंची
ग्रामीणों का कहना है कि समरसता संकल्प अभियान यात्रा के दौरान उन्हें उम्मीद थी कि जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों के सामने गांव की सड़क की बदहाल स्थिति रखी जाए, ताकि समस्या का समाधान हो सके। लेकिन सड़क की समस्या को लेकर हुई बातचीत के बाद मामला विवाद में बदलने के आरोप सामने आए हैं।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि यदि ग्रामीण अपनी मूलभूत समस्याएं जनप्रतिनिधियों के सामने रखते हैं तो क्या उन्हें इस तरह के विवाद का सामना करना पड़ेगा? हालांकि, पूरे मामले में पुलिस जांच और शिकायत पर होने वाली कार्रवाई के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पहले भी विधायक का वीडियो हुआ था वायरल
गौरतलब है कि इससे पहले भी गरोठ विधायक चंदर सिंह सिसोदिया का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें सुरावत का डेरा का स्कूली छात्र, मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत कलेक्टर के समक्ष सड़क की समस्या रख रहा था। इसी दौरान विधायक द्वारा छात्र से सख्त लहजे में बातचीत किए जाने का वीडियो सामने आया था। उस समय भी मामला काफी चर्चा में रहा था।
Author: Yogesh Porwal
वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।








