मन्दसौर। सीतामऊ बस स्टैंड के समीप शासकीय भूमि पर लोहे की गुमटियां लगाकर अतिक्रमण करने के मामले में दशपुर दिशा की 13 अप्रैल की खबर का असर दिखा है। तहसीलदार सीतामऊ ने अतिक्रमणकर्ता को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
आपको बता दें लगभग एक वर्ष पहले प्रशासन, नगर परिषद और पुलिस की संयुक्त टीम ने सीतामऊ नगर में अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की थी। बस स्टैंड के निकट सर्वे क्रमांक 1214/625/2/2 की शासकीय भूमि पर लगी टीन शेड वाली दुकानों को भी हटाया गया था।
हालांकि, पिछले एक माह के दौरान इस जगह पर पहले फल विक्रेताओं ने अस्थायी दुकानें लगा लीं, फिर रातोंरात उन्हें हटाकर दूसरे व्यक्ति ने स्थायी टीन शेड वाली गुमटी बना ली।

स्थानीय लोगों ने इस अतिक्रमण की शिकायत नगर परिषद को लिखित रूप में दी। सीएमओ जीवनराय माथुर ने शुरू में दावा किया कि संबंधित व्यक्ति के पास पट्टा और दस्तावेज हैं। बाद में दस्तावेज मांगे गए, लेकिन अधिकारियों ने इस प्रक्रिया में भी करीब 20 दिन लगा दिए।
इस लेटलतीफी से परेशान स्थानीय निवासी आमीन पुत्र अफजल खान ने चेतावनी दी है। उन्होंने बताया कि वे पिछले 25 वर्षों से इसी स्थान पर मेकेनिक का काम कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। अतिक्रमण हटाने की पुरानी कार्रवाई में उनकी दुकान भी हटा दी गई थी, लेकिन अब उसी जगह दूसरे व्यक्ति ने अतिक्रमण कर दुकान बना ली है।
आमीन ने कहा, “अगर भूमि शासकीय है तो फिर दूसरे व्यक्ति को दुकान लगाने की अनुमति किसने दी? निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो अगले मंगलवार मैं हाथ में तिरंगा लेकर पूरे नगर से पैदल जिला कलेक्टर के पास जनसुनवाई में जाऊंगा।”
नगर परिषद की टालमटोल के बाद हल्का पटवारी ने पंचनामा तैयार कर तहसीलदार को प्रतिवेदन सौंपा। इसके बाद तहसीलदार ने अतिक्रमणकर्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
नोटिस में मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 248 के तहत निम्नलिखित उल्लेख किया गया है:
– भूमि के बाजार मूल्य का 20 प्रतिशत अर्थदंड
– बेदखली आदेश के बावजूद कब्जा बनाए रखने पर प्रतिदिन 500 रुपये का अर्थदंड
– कब्जा न हटाने पर शासकीय खर्चे से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई एवं व्यय की वसूली
तहसीलदार द्वारा नोटिस जारी होने के बावजूद अतिक्रमण अभी भी बना हुआ है और कार्रवाई लंबित है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस मामले में निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए, अन्यथा जनता को स्वयं कलेक्टर स्तर पर प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
Author: Dashpur Disha
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