उज्जैन। मध्यप्रदेश लोकायुक्त भोपाल के सख्त निर्देशों और पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन के मार्गदर्शन में उज्जैन लोकायुक्त दल ने एक बड़ी रिश्वतखोरी का भंडाफोड़ किया है।
आज दिनांक 16 मार्च 2026 को लोकायुक्त टीम ने ग्राम पंचायत बोरदा मांडा तहसील तराना के सचिव दरबार सिंह राठौड और उनके साथी ठेकेदार कमल बंजारा को 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। दोनों आरोपी थाना कायथा के पास आवेदक की कार स्विफ्ट डिजायर क्रमांक MP09 CH 5873 में पकड़े गए।

घटना का पूरा विवरण
ग्राम पंचायत बोरदा मांडा के सरपंच राजेश चतुर्वेदी ने 12 मार्च 2026 को पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि पंचायत में कराए गए निर्माण कार्यों की स्वीकृति के लिए सचिव दरबार सिंह राठौड़ ने उनसे 45,000 रुपये रिश्वत मांगी थी। इसमें से 15,000 रुपये पहले ही ले लिए गए थे। बाकी 30,000 रुपये की मांग की जा रही थी।
शिकायत की तस्दीक निरीक्षक दीपक सेजवार ने की और सत्य पाए जाने पर उज्जैन लोकायुक्त दल ने ट्रैप का आयोजन किया। आज आवेदक राजेश चतुर्वेदी ने 30,000 रुपये की रिश्वत राशि सचिव दरबार सिंह राठौड़ को सौंपी, जिसे उन्होंने अपने साथी ठेकेदार कमल बंजारा को देते हुए पकड़े गए।
लोकायुक्त दल की टीम
ट्रैप में शामिल दल का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक राजेश पाठक ने किया। दल में शामिल अन्य सदस्य निरीक्षक दीपक सेजवार, आरक्षक श्याम शर्मा, आरक्षक संजीव कुमारिया, आरक्षक इसरार, सहायक ग्रेड-3 रमेश डाबर, पंच साक्षी सहित कुल 10 सदस्य।
दोनों आरोपी को रिश्वत की राशि, कार और अन्य साक्ष्यों के साथ लोकायुक्त कार्यालय ले जाया गया। आगे की कार्रवाई की जा रही है।
Author: Yogesh Porwal
वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।









