मंदसौर। पुलिस ने गुजरात के अहमदाबाद निवासी दो सगे भाइयों को नकली घी बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। उनके पास से लगभग 150 लीटर नकली घी जब्त किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता था। दोनों आरोपी पिछले तीन महीनों से मंदसौर में किराए के मकान में रहकर यह धंधा चला रहे थे और ग्रामीण इलाकों में इसे असली घी बताकर बेच रहे थे।
नकली घी से सेहत पर खतरा
पुलिस की सूचना पर सिटी कोतवाली और नई आबादी थाना की टीमों ने फूड सेफ्टी और रेवेन्यू विभाग के साथ मिलकर शनिवार-रविवार की रात सीतामऊ फाटक क्षेत्र में दबिश दी। आरोपी सोयाबीन तेल को गर्म करके उसमें केमिकल और आर्टिफिशियल फ्रेगरेंस मिलाकर नकली घी तैयार कर रहे थे। इससे घी जैसी खुशबू पैदा होती थी, लेकिन यह मिश्रण लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर सकता था, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा था।
दबिश के दौरान मौके से नकली घी बनाने की सामग्री, सोयाबीन तेल, बर्तन और केमिकल भी जब्त किए गए। पुलिस पहुंची तो आरोपी घी बनाने की प्रक्रिया में ही व्यस्त थे।

गिरफ्तार आरोपी गोपाल और संजय पिता अशोक बागरी हैं, जो अहमदाबाद (गुजरात) के निवासी हैं। दोनों सगे भाई हैं और पिछले तीन महीनों से मंदसौर में रहकर नकली घी का कारोबार कर रहे थे। वे रोजाना ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर इसे 200 रुपए प्रति किलो के भाव से बेचते थे, जिससे स्थानीय लोगों को ठगा जा रहा था।
एसडीएम शिवलाल शाक्य ने बताया, “शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक केमिकल युक्त नकली घी की सप्लाई कर रहे थे। वे ग्रामीण इलाकों में रोजाना जाकर इसे बेचते थे और लोगों को धोखा दे रहे थे। सूचना मिलते ही फूड सेफ्टी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की।”
सीएसपी जितेंद्र कुमार ने कहा, “पुलिस को नकली घी फैक्ट्री की जानकारी मिली थी। रेवेन्यू, फूड सेफ्टी और दो थानों की पुलिस ने मिलकर दबिश दी। आरोपी सोयाबीन तेल में केमिकल मिलाकर नकली घी बना रहे थे। फूड सेफ्टी टीम ने घी के सैंपल जब्त कर लैब जांच के लिए भेजे हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।”
फूड सेफ्टी विभाग द्वारा जब्त नकली घी के सैंपलों को जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में और भी जांच जारी है, ताकि नकली घी की सप्लाई चेन का पता लगाया जा सके। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बाजार से घी खरीदते समय सतर्क रहें और असली-नकली की जांच करें।
Author: Yogesh Porwal
वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।









