मन्दसौर। देशभर के लाखों प्रतियोगी परीक्षार्थियों ने मंगलवार को सभी जिलों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर कर्मचारी चयन आयोग (SSC) और अन्य केंद्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं में व्याप्त अनियमितताओं, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। इस दौरान, परीक्षार्थियों ने जिला कलेक्टरों के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय (DoPT) के मंत्री को एक साझा ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में उठाए गए प्रमुख मुद्दे
प्रदर्शनकारी छात्रों ने SSC और अन्य केंद्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार हो रहे पेपर लीक, भ्रष्टाचार, परिणामों में देरी और निष्पक्षता की कमी पर गहरी चिंता जताई। ज्ञापन में निजी कंपनी Eduquity जैसी एजेंसियों की संदिग्ध कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए, जिनके परीक्षा संचालन में पारदर्शिता की कमी देखी गई है। इसके अलावा, दूर-दराज और असुविधाजनक परीक्षा केंद्रों के आवंटन से परीक्षार्थियों को होने वाली आर्थिक और मानसिक परेशानियों को भी रेखांकित किया गया।

परीक्षार्थियों की प्रमुख मांगें
1.CBI या न्यायिक जांच: SSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
2.विश्वसनीय संस्था द्वारा परीक्षा संचालन: Eduquity जैसी निजी कंपनियों के बजाय TCS (Tata Consultancy Services) जैसी अनुभवी और विश्वसनीय संस्था को परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी दी जाए।
3.पारदर्शिता और समयबद्धता: परीक्षा प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता, सुरक्षा और समयबद्ध परिणाम सुनिश्चित किए जाएं।
4.नजदीकी परीक्षा केंद्र: परीक्षार्थियों को उनके निवास के नजदीक परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाएं ताकि यात्रा और आर्थिक बोझ कम हो।
5.कठोर कानून: पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून बनाए जाएं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
6.स्वतंत्र निगरानी आयोग: एक स्वतंत्र परीक्षा निगरानी आयोग की स्थापना की जाए जो परीक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर नजर रखे।
परीक्षार्थियों का संदेश
ज्ञापन में परीक्षार्थियों ने सरकार से इन मांगों पर त्वरित और सकारात्मक कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार न केवल युवाओं का भरोसा बहाल करेगा, बल्कि देश में निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को भी मजबूत करेगा।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। सरकार की ओर से अभी तक इस ज्ञापन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि यह मुद्दा संसद और प्रशासनिक स्तर पर गंभीर चर्चा का विषय बनेगा।
इस अवसर पर NEYU जिलाध्यक्ष ब्रजेश जाट, विक्की चौहान, रंगलाल धनगर, नित्या शर्मा, सुनील सर, आदेश जोशी, यश श्रीवास्तव, यश पंवार, जयंत माली सर, प्रभुलाल कुशवाह, जितेंद्र पाटीदार सहित प्रतियोगिता परीक्षा के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
Author: Yogesh Porwal
वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।









