नक्शा बंटवारा करने के लिए मांगी थी 20 हजार की रिश्वत
जावरा। उज्जैन लोकायुक्त पुलिस ने रतलाम जिले के ग्रामीण तहसील में तैनात पटवारी यशवर्धन शर्मा को 8,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ग्राम रोजड़का में भूमि सर्वे नंबर 15/5 की नक्शा बटवारा करने के लिए रिश्वत मांगने की शिकायत के बाद की गई।

शिकायत और सत्यापन
आवेदक जीतेंद्र सिंह चावड़ा, निवासी ग्राम रोजड़का, तहसील रतलाम ग्रामीण, ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन, श्री अनिल विश्वकर्मा को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, पटवारी यशवर्धन शर्मा (हल्का नंबर 59, सेबरिया, तहसील रतलाम ग्रामीण) ने ग्राम शिवपुर के प्रहलाद पाटीदार द्वारा खरीदी गई 1 बीघा जमीन के नक्शा बटवारा करने के लिए 20,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। प्रहलाद पाटीदार ने इसकी शिकायत के लिए अपने परिचित जीतेंद्र सिंह चावड़ा को लोकायुक्त उज्जैन भेजा।
लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत का सत्यापन इंस्पेक्टर दीपक शेजवार के माध्यम से किया। सत्यापन के दौरान जब जीतेंद्र सिंह ने पटवारी से बात की, तो यशवर्धन शर्मा 10,000 रुपये लेने के लिए राजी हो गया। इस दौरान, 24 मई 2025 को पटवारी ने 2,000 रुपये पहले ही ले लिए थे। शिकायत के सत्यापन में रिश्वत की मांग सही पाए जाने पर लोकायुक्त ने कार्रवाई की योजना बनाई।
ट्रैप कार्रवाई
शिकायत के आधार पर, लोकायुक्त पुलिस ने धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की और एक ट्रैप दल गठित किया। 23 मई 2025 को रतलाम ग्रामीण तहसील कार्यालय के पटवारी कक्ष में ट्रैप कार्रवाई की गई, जिसमें पटवारी यशवर्धन शर्मा को जीतेंद्र सिंह चावड़ा से 8,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
ट्रैप टीम
ट्रैप कार्रवाई में शामिल लोकायुक्त टीम में निम्नलिखित अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे:
– डीएसपी राजेश पाठक
– इंस्पेक्टर दीपक शेजवार
– आरक्षक श्याम शर्मा
– आरक्षक इसरार
– आरक्षक अनिल अटोलिया
– आरक्षक उमेश कुमार
– स्टेनो रमेश डाबर
लोकायुक्त कार्रवाई और जांच
पटवारी यशवर्धन शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। रिश्वत की राशि जब्त कर ली गई है, और आरोपी से पूछताछ जारी है। लोकायुक्त पुलिस इस मामले में गहन जांच कर रही है, ताकि अन्य संभावित अनियमितताओं का भी पता लगाया जा सके।
रतलाम जिले में हाल के महीनों में रिश्वतखोरी के कई मामले सामने आए हैं। इससे पहले भी, दिसंबर 2024 में ग्राम पंचेड़ में पटवारी रमेशचंद्र बैरागी को 40,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। इसी तरह, मई 2025 में जावरा तहसील में पटवारी प्रवीण जैन को 6,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। ये घटनाएं जिले में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों को दर्शाती हैं, जिसके खिलाफ लोकायुक्त पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।
Author: Dashpur Disha
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