आशा हॉस्पिटल प्रबंधन के दो कर्मचारियों पर सेटलमेंट का दबाव बनाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप; कलेक्टर से अस्पताल के खिलाफ की गई शिकायत के बाद बढ़ा विवाद
नीमच। शहर में पत्रकार की सुरक्षा और पत्रकारिता को लेकर मामला सामने आया है। सिंधी कॉलोनी के समीप स्थित दैनिक भास्कर कार्यालय में गुरुवार शाम आशा हॉस्पिटल से जुड़े दो कर्मचारी पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने जिला ब्यूरो चीफ गौरव त्रिपाठी पर अस्पताल के खिलाफ प्रकाशित खबरों को लेकर दबाव बनाया और समझौता करने के लिए कहा। इनकार करने पर उनके साथ अभद्रता, गाली-गलौज और मारपीट की कोशिश की गई। इतना ही नहीं, आरोपियों ने भविष्य में अस्पताल के खिलाफ खबर प्रकाशित करने पर जान से खत्म करने की धमकी भी दी। घटना के बाद पत्रकारों में आक्रोश फैल गया और मामला पुलिस तक पहुंचा।

अस्पताल के खिलाफ खबर और कलेक्टर से शिकायत के बाद बढ़ा विवाद
मामले की पृष्ठभूमि में करीब दो माह पहले दैनिक भास्कर में आशा हॉस्पिटल के कथित अवैध बेसमेंट निर्माण, एमओयू के उल्लंघन और अस्पताल निर्माण में नियमों की अनदेखी को लेकर प्रकाशित खबर बताई जा रही है। ब्यूरो चीफ गौरव त्रिपाठी ने इस संबंध में कलेक्टर नीमच को लिखित शिकायत भी दी थी। शिकायत के बाद कलेक्टर हिमांशु चंद्रा द्वारा अस्पताल के विरुद्ध जांच बैठाए जाने की बात सामने आई है। इसी मामले को लेकर अस्पताल प्रबंधन से जुड़े लोगों के कार्यालय पहुंचने का आरोप है।
कार्यालय पहुंचकर बनाया समझौते का दबाव
पुलिस को दिए गए आवेदन और दर्ज एफआईआर के अनुसार, 5 नवंबर 2026 को शाम करीब 4 बजे नवीन बैरागी और कमलेश यादव दैनिक भास्कर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने गौरव त्रिपाठी से अस्पताल के खिलाफ प्रकाशित खबर और शिकायत को लेकर पूछा कि वे क्या चाहते हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें डॉ.अभिषेक तिवारी ने भेजा है और नीचे चलकर बात करने को कहा।
गौरव त्रिपाठी ने किसी भी तरह का समझौता करने से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने जो लिखा है, वह तथ्यों के आधार पर है और पत्रकार के रूप में उनका काम है। आरोप है कि इस पर नवीन बैरागी आक्रोशित हो गया और अश्लील गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर उसने गौरव त्रिपाठी का कॉलर पकड़ लिया। कार्यालय में मौजूद चित्रेश सोनी और कमलकांत सोनी ने बीच-बचाव कर उन्हें छुड़ाया।
अन्य लोगों को बुलाकर डराने का आरोप, जान से मारने की दी धमकी
शिकायत के मुताबिक, विवाद के बाद नवीन बैरागी और कमलेश यादव कार्यालय के नीचे चले गए और किसी को फोन किया। इसके बाद डॉ.देव, चंद्रभान सहित कुछ अन्य लोग भी वहां पहुंच गए। आरोप है कि इन सभी ने ब्यूरो चीफ को डराने का प्रयास किया। गौरव त्रिपाठी द्वारा पुलिस को सूचना देने पर आरोपियों ने धमकी दी कि भविष्य में अस्पताल के खिलाफ कोई खबर प्रकाशित की तो जान से खत्म कर देंगे।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद वहां मौजूद लोग चले गए। इसके बाद गौरव त्रिपाठी ने नीमच कैंट थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पत्रकारों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग
एक समाचार प्रकाशित करने और प्रशासनिक स्तर पर शिकायत करने के बाद यदि पत्रकार को उसके कार्यालय में पहुंचकर धमकाया जाता है, तो यह स्वतंत्र पत्रकारिता और पत्रकारों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है। घटना के बाद पत्रकारों में आक्रोश देखा गया। अब पुलिस जांच और कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।
Author: Yogesh Porwal
वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।








