वेद प्रकाश व्यास, दिनेश अग्रवाल और अक्षय अग्रवाल से जुड़ी अचल संपत्तियां अंतरिम रूप से जब्त; तस्करी से अर्जित नकदी बैंक खातों के जरिए स्थानांतरित करने का आरोप
इंदौर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इंदौर जोन ने करीब 70 करोड़ रुपये मूल्य की मेफेड्रोन (एमडी) की व्यावसायिक मात्रा की तस्करी के मामले में आरोपियों से जुड़ी 90 लाख रुपये से अधिक मूल्य की अचल संपत्तियां अंतरिम रूप से कुर्क कर ली हैं। ये संपत्तियां हैदराबाद और मंदसौर में स्थित हैं तथा वेद प्रकाश व्यास, दिनेश अग्रवाल और अक्षय अग्रवाल से जुड़ी बताई गई हैं।
ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत इस मामले में जांच शुरू की थी। क्राइम ब्रांच ने पहले वेद प्रकाश व्यास, दिनेश अग्रवाल, अक्षय अग्रवाल और अन्य के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस एक्ट, 1985 के तहत मामला दर्ज किया था। मामला करीब 70 करोड़ रुपये मूल्य की मेफेड्रोन के अवैध कब्जे और तस्करी से संबंधित है।

ईडी की जांच के अनुसार, आरोपियों ने मादक पदार्थों की तस्करी से बड़ी मात्रा में नकदी के रूप में अपराध से अर्जित आय जुटाई और इसे कई निजी व व्यावसायिक बैंक खातों के माध्यम से स्थानांतरित किया। वित्तीय जांच में महत्वपूर्ण नकद लेनदेन भी सामने आए। ईडी का कहना है कि आरोपी अपनी नियमित व्यावसायिक गतिविधियों के अलावा मादक पदार्थों की आपूर्ति और तस्करी में भी शामिल थे।
17 जुलाई को ईडी ने मध्यप्रदेश के इंदौर और मंदसौर में कई परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया था। इसके बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में ईडी ने करीब 300 करोड़ रुपये के बैंक ऋण घोटाले से जुड़े एक अन्य मामले में भी इंदौर में लगभग चार करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की थीं।
Author: Dashpur Disha
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