मिलावटी मावा बेचने वाले मिठाई दुकान संचालक को 3 माह की सजा, 2 लाख रुपये जुर्माना

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मल्हारगढ़ के गांधी चौक स्थित विजयवर्गीय मिष्ठान भंडार का मामला, जांच में मावा अवमानक और असुरक्षित पाया गया

मंदसौर। मिलावटी मावा बेचने के मामले में मंदसौर न्यायालय ने सख्त फैसला सुनाते हुए विजयवर्गीय मिष्ठान भंडार, गांधी चौक मल्हारगढ़ के संचालक बाबूलाल पिता छगनलाल विजयवर्गीय को दोषी ठहराया है। माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंदसौर अतुल बिल्लौरे ने आरोपी को 3 माह के सश्रम कारावास एवं 2 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी बलराम सोलंकी के अनुसार, यह मामला दीपावली के दौरान खाद्य पदार्थों की जांच से जुड़ा है। 8 अक्टूबर 2011 को खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश जमरा निरीक्षण के लिए गांधी चौक, मल्हारगढ़ पहुंचे थे। यहां उन्होंने विजयवर्गीय मिष्ठान भंडार का निरीक्षण किया।
दुकान पर मौजूद व्यक्ति ने अपना नाम बाबूलाल पिता छगनलाल विजयवर्गीय बताते हुए स्वयं को दुकान का संचालक बताया। उसने वर्ष 2011-12 का लाइसेंस प्रस्तुत करते हुए दुकान पर मिठाई, नमकीन और मावा का विक्रय करना बताया।

5 किलो मावा मिला, संदेह पर लिया गया सैंपल
निरीक्षण के दौरान दुकान में एक कंटेनर में करीब 5 किलोग्राम मावा रखा मिला। मावे में मिलावट की आशंका होने पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने आरोपी से 1 किलोग्राम मावा 120 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा और नियमानुसार उसका नमूना तैयार किया।
नमूने को चार बराबर भागों में विभाजित कर फूडग्रेड साफ एवं सूखी प्लास्टिक थैलियों में रखा गया। प्रत्येक नमूने में करीब 20-20 बूंद फार्मेलिन डालकर उसे सील किया गया और जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया।

दोनों जांचों में मावा निकला अवमानक
राज्य खाद्य प्रयोगशाला की रिपोर्ट में मावा अवमानक पाया गया। इसके बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 46(4) के तहत पुनः जांच के लिए नमूना गाजियाबाद स्थित प्रयोगशाला भेजा गया।
पुनः जांच की रिपोर्ट में भी मावा अवमानक एवं असुरक्षित पाया गया। इसके बाद संबंधित विभाग द्वारा आरोपी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करते हुए परिवाद न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
प्रकरण में शासन की ओर से सहायक जिला अभियोजन अधिकारी बलराम सोलंकी ने न्यायालय के समक्ष अभियोजन का संचालन किया। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों एवं प्रकरण के आधार पर आरोपी बाबूलाल विजयवर्गीय को दोषी ठहराते हुए 3 माह सश्रम कारावास और 2 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

Dashpur Disha
Author: Dashpur Disha

दशपुर दिशा समाचार पत्र भारत के प्रेस महापंजीयक कार्यालय नई दिल्ली से पंजीकृत है। दशपुर दिशा मालवांचल में खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित समाचार पत्र है। www. dashpurdisha.com हमारी अधिकृत वेबसाइट है।

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