मंदसौर CMHO डॉ.गोविंद सिंह चौहान अपने कथित भतीजे जयदीप को पहुंचा रहे अवैध लाभ; अटैच वाहन भी जयदीप के नाम पंजीकृत, टैक्सी परमिट की जगह हो रहा निजी वाहन का उपयोग

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जयदीप का विभाग में अनाधिकृत हस्तक्षेप,गोपनीयता भंग और भ्रष्टाचार करने की शिकायत पर जांच शुरू

✍️दशपुर दिशा । योगेश पोरवाल

मंदसौर। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गोविंद सिंह चौहान एक ओर सार्वजनिक रूप से कहते हैं कि जयदीप सिंह उनके भतीजे नहीं हैं और उनसे कोई लेना-देना नहीं है, वहीं दूसरी ओर जयदीप सिंह सीएमएचओ कार्यालय के हर कामकाज में सक्रिय दिखाई देते हैं। दशपुर दिशा की इन्वेस्टिगेशन टीम ने इस पूरे प्रकरण की गहन पड़ताल की है, जिसमें गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।

मंदसौर के विधायक विपिन जैन और जिला चिकित्सालय मन्दसौर के विधायक प्रतिनिधि मनोहर नाहटा ने कुछ महीने पहले ही मीडिया के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग में जयदीप की संलिप्तता का मुद्दा उठाया था। जिसके बाद सीएमएचओ ने अपनी सफाई में कहा था कि जयदीप उनका भतीजा नहीं है और उसे उन्होंने समझा दिया है कि उनके नाम से कोई लेनदेन न करे।
लेकिन उसके बावजूद कुछ दिनों पहले शामगढ़ के एक बंगाली डॉक्टर के क्लीनिक पर सीएमएचओ डॉ. चौहान के साथ जयदीप की मौजूदगी देखी गई थी, जिस पर भी स्थानीय स्तर पर आपत्ति उठी। इसके बावजूद सीएमएचओ ने इस पर मौन साध लिया।

CMHO का सरकारी वाहन जयदीप के नाम पर पंजीकृत
स्वास्थ्य विभाग में जयदीप की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे है इसी बीच हमारी टीम को मिली जानकारी के अनुसार, सीएमएचओ के लिए अटैच इनोवा क्रिस्टा क्रमांक MP 09 BD 7314 जयदीप पिता राजेंद्र सिंह के नाम पर पंजीकृत है। ये जबकि वाहन निजी श्रेणी का है, सरकारी नियमों के अनुसार विभागीय कामकाज के लिए लगाए जाने वाले वाहनों का पंजीयन टैक्सी श्रेणी में होना अनिवार्य है। निजी वाहन का उपयोग करने से शासन को हर वर्ष राजस्व नुकसान सीएमएचओ द्वारा पहुंचाया जा रहा है।

आपको बता दें टैक्सी पंजीयन में लगभग 8-9% टैक्स, पंजीयन शुल्क तथा प्रतिवर्ष फिटनेस फीस चुकानी पड़ती है। इन खर्चों से बचने के लिए सीएमएचओ ने अपने कथित रिश्तेदार जयदीप का निजी वाहन अटैच कर रखा है।

अनुबंध नियमों की धज्जियां उड़ाईं
शासन के नियमों के अनुसार अटैच वाहन के लिए –
– प्रतिवर्ष नया अनुबंध जरूरी
– ई-टेंडर के माध्यम से निविदा आमंत्रित करना अनिवार्य
– वाहन टैक्सी परमिट, बीमा और फिटनेस पूर्ण होना चाहिए

लेकिन डॉ. गोविंद सिंह चौहान ने जब से मन्दसौर में सीएमएचओ का पद संभाला उसके बाद से एक ही वाहन का निरंतर उपयोग किया जा रहा है। न कोई नया अनुबंध, न ई-टेंडर और न ही टैक्सी श्रेणी में पंजीयन। सभी नियमों को ताक पर रखकर कथित रिश्तेदार को अवैध लाभ पहुंचाने का आरोप लग रहा है।

अनाधिकृत हस्तक्षेप और गोपनीयता भंग करने की शिकायत पर जांच शुरू
मंदसौर जिला चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग में निजी व्यक्ति जयदीप के अनाधिकृत हस्तक्षेप, गोपनीयता भंग करने और भ्रष्टाचार तथा सीएमएचओ के नाम पर वसूली के कई प्रकरण प्रकाश में आए हैं। जिला चिकित्सालय के विधायक प्रतिनिधि मनोहर नाहटा ने इस संबंध में कलेक्टर को लिखित शिकायत की थी।
इस पर जिला पंचायत सीईओ ने आदेश क्रमांक शिका/2026/1124, मंदसौर, दिनांक 17 मार्च 2026 जारी कर जांच दल गठित किया है। जांच दल मे डिप्टी कलेक्टर अनीता चौखटिया, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी आर.पी. सिंह पंवार, जिला कोषालय अधिकारी सुनील डावर को शामिल किया गया है।

सीएमएचओ से सवाल –
जब सीएमएचओ खुद कहते हैं कि जयदीप से उनका कोई संबंध नहीं, तो फिर उनका वाहन जयदीप सिंह के नाम पर क्यों पंजीकृत है? विभाग के हर काम में उनकी संलिप्तता क्यों दिखाई दे रही है? और लाभ पहुंचाने के लिए नियमों की इतनी बड़ी अनदेखी क्यों हो रही है?

Dashpur Disha
Author: Dashpur Disha

दशपुर दिशा समाचार पत्र भारत के प्रेस महापंजीयक कार्यालय नई दिल्ली से पंजीकृत है। दशपुर दिशा मालवांचल में खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित समाचार पत्र है। www. dashpurdisha.com हमारी अधिकृत वेबसाइट है।

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