दिल्ली। अमेरिका एक बार फिर रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में गुरुवार को एक संशोधित विधेयक पेश किया जाना है, जिसके जरिए रूस के प्रमुख तेल खरीदार देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का प्रावधान किया गया है। इस विधेयक में भारत और चीन समेत कई देशों के नाम शामिल किए गए हैं।
विधेयक में क्या है-
विधेयक के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति को रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले प्रमुख देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का अधिकार दिया जाएगा। अमेरिका का तर्क है कि रूस का तेल कारोबार यूक्रेन युद्ध को आर्थिक रूप से बढ़ावा दे रहा है। जब तक रूस को तेल बेचकर पैसा मिलता रहेगा, तब तक वह युद्ध जारी रखेगा—यह अमेरिकी प्रशासन की मान्यता है।

किन देशों पर लग सकता है टैरिफ
संशोधित बिल में निम्नलिखित 10 देशों को स्पष्ट रूप से शामिल करने का प्रस्ताव है –
– चीन
– भारत
– तुर्की
– अजरबैजान
– हंगरी
– स्लोवाक रिपब्लिक
– संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
– सिंगापुर
– कजाकिस्तान
– किर्गिज रिपब्लिक
इन देशों पर रूस से तेल खरीदने की वजह से ‘माध्यमिक टैरिफ’ लगाया जा सकता है।
रूस-यूक्रेन युद्ध 24 फरवरी 2022 से जारी है। युद्ध रोकने के कई प्रयास विफल हो चुके हैं। हाल ही में अलास्का में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात भी बेनतीजा रही थी। अब अमेरिका रूस की तेल कमाई पर और दबाव बनाने की रणनीति अपना रहा है।
इससे पहले नई दिल्ली में हुए BRICS शिखर सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ट्रंप के टैरिफ नीति का विरोध करने की बात कही थी।
विधेयक पर गुरुवार को अमेरिकी संसद में वोटिंग होने की उम्मीद है। अगर यह पास होता है, तो राष्ट्रपति को इन देशों पर टैरिफ लगाने का अधिकार मिल जाएगा।
Author: Dashpur Disha
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