मंदसौर। मध्यप्रदेश शिक्षक संघ, जिला मंदसौर ने नियमों को ताक पर रखकर किए गए स्थानांतरण के विरोध में कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। संगठन ने जिला सचिव भरतलाल पोपण्डिया के मंदसौर जिले से नीमच जिले के दूरस्थ विद्यालय पलासिया में हुए स्थानांतरण को नियम विरुद्ध बताते हुए तत्काल निरस्त करने की मांग की है।
नियमों की अनदेखी से शिक्षक संघ में रोष
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी स्थानांतरण नीति 2025 के अनुसार, किसी मान्यता प्राप्त संगठन के अध्यक्ष, सचिव या कोषाध्यक्ष का स्थानांतरण उनकी दो पदावधि या अधिकतम 4 वर्ष से पहले नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद, मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के जिला सचिव श्री भरतलाल पोपण्डिया का स्थानांतरण नियमों को दरकिनार कर किया गया। इस कदम से पूरे प्रदेश में संगठन के कार्यकर्ताओं में आक्रोश व्याप्त है। संगठन ने इसे प्रशासन की लापरवाही और राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया है।

कलेक्टर को सौंपा गया ज्ञापन
मंदसौर में लगभग 120 कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। प्रांतीय संगठन मंत्री हिम्मतसिंह जैन, प्रांतीय कोषाध्यक्ष विनोद कुमार पुनी, शिक्षक सम्मान प्रांतीय प्रकोष्ठ प्रमुख अखिलेश मेहता, प्रांतीय सह मीडिया प्रभारी रामचंद्र मालवीय, संभागीय अध्यक्ष शंकरलाल आंजना, जिला संगठन मंत्री मोतीलाल फरक्या, जिला अध्यक्ष विक्रम शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष कांतिलाल राठौर सहित अन्य पदाधिकारियों ने ज्ञापन का वाचन कर कलेक्टर प्रतिनिधि को सौंपा।
ज्ञापन में मांग की गई कि नियम विरुद्ध स्थानांतरण आदेश को तत्काल निरस्त कर जिला सचिव की पदस्थापना यथावत रखने का नया आदेश जारी किया जाए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांग पूरी नहीं हुई, तो जिला कलेक्टर कार्यालय पर भूख हड़ताल की जाएगी।
संगठन नेताओं का कड़ा रुख
प्रांतीय संगठन मंत्री हिम्मतसिंह जैन ने कहा, “मध्यप्रदेश शिक्षक संघ राष्ट्रहित, शिक्षाहित और छात्रहित को प्राथमिकता देता है। नियमों को ताक पर रखकर जिला सचिव का स्थानांतरण निंदनीय है। शासन की स्थानांतरण नीति का पालन नहीं हुआ और स्थानीय विधायक की अनुशंसा के बिना यह कदम उठाया गया, जो संगठन के लिए चुनौती है।”
प्रांतीय शिक्षक सम्मान प्रकोष्ठ प्रमुख अखिलेश मेहता ने इसे प्रशासन की भूल और राजनीतिक षड्यंत्र करार देते हुए कहा, “शिक्षक संघ अपने कर्तव्यों को प्राथमिकता देता है, लेकिन कार्यकर्ताओं के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
संभागीय अध्यक्ष शंकरलाल आंजना और जिला अध्यक्ष विक्रम शर्मा ने भी स्थानांतरण को तानाशाही और प्रशासन की लापरवाही का परिणाम बताया। प्रांतीय कोषाध्यक्ष विनोद पुनी ने इसे संगठन के मुंह पर राजनीतिक तमाचा करार देते हुए तत्काल सुधार की मांग की।
संगठन की चेतावनी
संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि स्थानांतरण आदेश निरस्त नहीं हुआ, तो जिला और प्रांतीय स्तर पर आंदोलन और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में प्रशासन से नियमों का पालन कर जिला सचिव की पदस्थापना यथावत रखने की मांग की।
मध्यप्रदेश शिक्षक संघ ने इस घटना को शिक्षा क्षेत्र में संगठन की कार्यप्रणाली पर प्रहार बताया है। संगठन ने शासन से मांग की है कि इस तानाशाही कदम को तुरंत सुधारा जाए, अन्यथा वह बड़े स्तर पर आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
Author: Dashpur Disha
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