नीमच में नगरीय प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: सीएमओ महेंद्र वशिष्ठ और सब इंजीनियर मेघवाल निलंबित

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नपाध्यक्ष का आरोप – वशिष्ठ कुछ लोगों से मिलीभगत कर जमीन घोटाले करने आए थे

मंदसौर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने अमृत 2.0 योजना के कार्यों में लापरवाही बरतने के मामले में नीमच के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) महेंद्र वशिष्ठ और सब इंजीनियर अंबालाल मेघवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही सहायक अभियंता अभिलाषा चौरसिया का एक माह का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं।

आयुक्त भोंडवे ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि समय-सीमा में कार्य पूर्ण न करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। साथ ही, जिन निकायों में कार्य देरी से चल रहे हैं, वहां ठेकेदारों को एग्रीमेंट के आधार पर नोटिस जारी किया जाएगा और गति में सुधार न होने पर एग्रीमेंट रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।

भोंडवे ने गुणवत्ता नियंत्रण पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि जलप्रदाय परियोजनाओं की लंबित डिजाइन को तत्काल स्वीकृति दी जाए। जबलपुर सीवरेज परियोजना की डीपीआर को राज्य स्तरीय तकनीकी समिति से प्राथमिकता के आधार पर अनुमोदित करने और 1 से 10 लाख जनसंख्या वाले नगरीय निकायों के लंबित बिलों का तुरंत भुगतान कर उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त करने के आदेश भी दिए।

नपा अध्यक्ष और सीएमओ के बीच तनातनी
नीमच नगर पालिका में कुछ समय से सीएमओ महेंद्र वशिष्ठ और नपा अध्यक्ष स्वाति चौपड़ा के बीच तनाव चल रहा था। हाल ही में एक रिटायर्ड कर्मचारी द्वारा नगर पालिका की फाइलें देखने के मामले में दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। बताया जाता है कि यह कर्मचारी नपा अध्यक्ष के लिए काम कर रहा था। विवाद के बाद वशिष्ठ को डूडा से अटैच किया गया था।

बुधवार को नपा अध्यक्ष स्वाति चौपड़ा ने भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से मुलाकात कर सीएमओ वशिष्ठ के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी। स्थानीय मीडिया से बातचीत में चौपड़ा ने कहा, सीएमओ वशिष्ठ के कारण शहर के विकास और जनहित के कार्य प्रभावित हो रहे थे। मैंने 100 से ज्यादा बार लिखित और मौखिक रूप से कार्यों को समय पर करने के लिए कहा, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। आमजन भी परेशान थे। वशिष्ठ कुछ लोगों से मिलीभगत कर जमीन घोटाले करने आए थे।

Yogesh Porwal
Author: Yogesh Porwal

वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।

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