पीजी कॉलेज ग्राउंड में तैयारी कर रहे छात्रों से 100 रुपये वसूली की कोशिश, पूर्व विधायक के हस्तक्षेप से प्राचार्य ने मानी गलती

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मंदसौर। जिला मुख्यालय स्थित सरकारी कॉलेज के ग्राउंड का उपयोग करने वाले प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों से अवैध वसूली का मामला सामने आया है। शासकीय स्नातकोत्तर पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ.ज्योति स्वरूप दुबे पर आरोप है कि उन्होंने निजी संस्था के माध्यम से ग्राउंड में तैयारी करने वाले प्रत्येक छात्र से 100 रुपये की मांग की थी।

यह मामला तब उजागर हुआ जब भाजपा के पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया को इसकी जानकारी मिली। सूचना मिलते ही सिसौदिया भाजपा नेता अंशुल बैरागी के साथ पीजी कॉलेज ग्राउंड पहुंचे। वहां से उन्होंने प्राचार्य ज्योतिस्वरूप दुबे को फोन किया और वसूली के बारे में पूछताछ की। प्राचार्य सकते में आ गए और तुरंत रुपये न लेने की बात कहकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की।

पूर्व विधायक सिसौदिया और बैरागी ने प्राचार्य से साफ कहा कि खेल के मैदान पर छात्रों से इस तरह राशि वसूलना आपत्तिजनक है। प्राचार्य ने जवाब में कहा कि छात्र मैदान का निःशुल्क उपयोग कर सकते हैं। अंत में प्राचार्य ने आगे से रुपये न लेने का आश्वासन दिया।

यह कहना है इनका
“पीजी कॉलेज के प्राचार्य दुबे द्वारा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों से वसूली की शिकायत पर मैं मौके पर पहुंचा था। प्राचार्य से चर्चा कर 100-100 रुपये लेने का विरोध किया। प्राचार्य ने आगे से रुपये नहीं लेने का आश्वासन दिया है।”
– यशपाल सिंह सिसौदिया, पूर्व विधायक, मंदसौर

यह घटना जिले में अधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचार की बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करती है। छात्र आर्मी भर्ती, अग्निवीर भर्ती, पुलिस भर्ती आदि प्रतियोगिताओं की तैयारी निजी संस्था के माध्यम से कॉलेज ग्राउंड में कर रहे थे।

विवादों में बने रहते है कॉलेज प्राचार्य
न केवल खेल मैदान के उपयोग की राशि मांगने बल्कि अन्य कई मामलों में पीजी कॉलेज प्राचार्य विवादों में बने रहते है। इससे पहले दीपावली के समय पटाखा मार्केट के लिए मैदान का दूसरा गेट खोलने के लिए भी पटाखा व्यापारियों को खूब परेशान किया और अंत में राजनैतिक हस्तक्षेप के बाद गेट खोला गया। इससे पहले विधायक विपिन जैन को शासकीय कार्यक्रमों में बुलाने के लिए प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया गया था जिसकी शिकायत के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने डॉ.दुबे को कारण बताओ सूचना पत्र भी दिया था।

Dashpur Disha
Author: Dashpur Disha

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