दलौदा में शासकीय भूमि पर बनी तीन दुकानों पर राजस्व विभाग ने चलाया बुलडोजर, लेकिन तहसीलदार को ये पता नहीं कि दुकानें किसकी थी?

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मंदसौर। जिले के दलौदा क्षेत्र में कृषि उपज मंडी के पीछे शासकीय भूमि पर बने तीन पक्के निर्माणों को प्रशासन ने बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई इसलिए चौंकाने वाली है, क्योंकि इन दुकानों का निर्माण किसने किया, अतिक्रमण किसने किया और इनका उपयोग कौन कर रहा था, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी राजस्व अमले के पास भी नहीं है। अनुमानित रूप से इन निर्माणों की कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई जा रही है।

कृषि उपज मंडी दलौदा के पीछे स्थित शासकीय भूमि पर लंबे समय से तीन पक्की दुकानें बनी हुई थीं। जानकारी के अनुसार, इन दुकानों का उपयोग भी नियमित रूप से किया जा रहा था। बावजूद इसके, अब तक कोई व्यक्ति इन दुकानों का मालिक या कब्जाधारी होने का दावा करने सामने नहीं आया। प्रशासन ने बताया कि अतिक्रमण हटाने से पहले नियमानुसार सार्वजनिक सूचना जारी की गई थी, लेकिन किसी ने भी आपत्ति दर्ज नहीं कराई।

बताया जा रहा है कि इन अवैध दुकानों को लेकर पहले भी कई शिकायतें की गई थीं, लेकिन ये शिकायतें लंबे समय तक ठंडे बस्ते में पड़ी रहीं। आखिरकार, प्रशासन ने आज कार्रवाई करते हुए तीनों दुकानों को बुलडोजर की मदद से पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई से शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर लिया गया है।

तहसीलदार दलोदा, वंदना हरित ने कहा, “अतिक्रमण हटाने से पहले सभी आवश्यक प्रक्रियाएं अपनाई गईं। सार्वजनिक सूचना जारी करने के बावजूद कोई दावा करने वाला सामने नहीं आया। हमने नियमों के अनुसार कार्रवाई की है।”

यह मामला इसलिए चौंकाने वाला है, क्योंकि दुकानें वर्षों से बनी हुई थीं, उनका उपयोग हो रहा था और निर्माण पक्का था। फिर भी, निर्माणकर्ता या कब्जाधारी की पहचान नहीं हो सकी। प्रशासन ने देर से ही सही, लेकिन अवैध अतिक्रमण पर सख्ती दिखाई है, जो अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे मामलों के लिए एक उदाहरण बन सकती है।

Yogesh Porwal
Author: Yogesh Porwal

वर्ष 2012 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। राष्ट्रीय समाचार पत्र हमवतन, भोपाल मेट्रो न्यूज, पद्मिनी टाइम्स में जिला संवाददाता, ब्यूरो चीफ व वर्ष 2015 से मन्दसौर से प्रकाशित दशपुर दिशा समाचार पत्र के बतौर सम्पादक कार्यरत, एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार है। पोरवाल, खोजी पत्रकारिता के लिए चर्चित है तथा खोजी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित भी किए जा चुके है। योगेश पोरवाल ने इग्नू विश्वविद्यालय दिल्ली एवं स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन, न्यू मीडिया में पीजी डिप्लोमा और मास्टर डिग्री प्राप्त की, इसके अलावा विक्रम विश्वविद्यालय से एलएलबी, एलएलएम और वर्धमान महावीर ओपन विश्वविद्यालय से सायबर कानून में अध्ययन किया है।

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