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फिर से होगी मान्य पाए नर्सिंग कॉलेजों की CBI जाँच, 66 नर्सिंग कॉलेजों को किया शट डाउन, नवीनीकरण में नही चलेंगे मप्र सरकार ने नए नियम !

दशपुर दिशा । योगेश पोरवाल

मन्दसौर। प्रदेश में चल रहे नर्सिंग कॉलेज घोटाले की जांच में नया मोड़ आ गया है। कुछ दिनों पूर्व ही दशपुर दिशा ने समाचार के माध्यम से आगाह किया था कि जो नर्सिंग कॉलजे सीबीआई जांच में सूटेबल पाए गए उनकी जांच फिर से हो सकती है।
गत दिवस लॉ स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष विशाल बघेल ने हाईकोर्ट के समक्ष एक आवेदन प्रस्तुत कर सीबीआई जाँच के दौरान हुई धांधलियों और सीबीआई अधिकारियों के रिश्वत लेते पकड़े जाने की घटना से अवगत कराया। बघेल ने कोर्ट को बताया कि जो कॉलेज सूटेबल पाए गए है उनसे भी जाँच अधिकारियों ने वसूली करके फर्जी रिपोर्ट बनाई है। इसलिए सभी सूटेबल कॉलेजो की फिर से जाँच होनी चाहिए।
हाईकोर्ट ने याचिका को स्वीकार करते हुए फिर से जांच के निर्देश दिए है। इस बार नर्सिंग कॉलेजो की जांच कैमरे की निगरानी में होगी यानी पूरे निरीक्षण की एक वीडियोग्राफी की जाएगी इसके साथ ही जाँच टीम के साथ जिले के न्यायिक मजिस्ट्रेट भी शामिल रहेंगे।
बीते दिनों रिश्वत लेते पकड़ाए सीबीआई निरीक्षक ने राहुल राज करीब 60 कॉलेजो का निरीक्षण किया था बाकी अन्य टीम ने किया था। कुल 169 कॉलेजों को नियमो में फिट बताया गया था जबकि 10 सरकारी नर्सिंग कॉलेजों सहित कुल 66 कॉलेजों को अमान्य श्रेणी में रखा गया था। अमान्य श्रेणी वाले कॉलेजो के लिए टीम गठित कर मान्यता निरस्ती की कार्रवाई करवाई गई। इन सबके अलावा ऐसे कॉलेज जो जीएनएम कोर्स चलाते और नई मान्यता वाले थे जिनकी जांच हो चुकी थी किन्तु रिपोर्ट पेश नही हुई थी उनकी भी सम्भवतया दुबारा जांच हो सकती है।

पुराने नियमों से होगी मान्यता नवीनीकरण
याचिकाकर्ता विशाल बघेल ने हाईकोर्ट के समक्ष पक्ष रखते हुए बताया कि सरकार ने रातोंरात कॉलेज के नियम बदल दिए है जिससे नवीनीकरण में पुनः बोगस कॉलेजो को मान्यता मिल जाएगी। इस पर हाईकोर्ट ने शासन के नियमों को अस्वीकार करते हुए पुराने नर्सिंग काउंसिल के नियमों पर ही मान्यता देने की बात कही।

अब तक दो सीबीआई अधिकारी हो चुके बर्खास्त
नर्सिंग कॉलेज संचालको से रिश्वत लेकर सूटेबल रिपोर्ट देने के मामले में गिरफ्तार सीबीआई निरीक्षक राहुल राज को सीबीआई बर्खास्त कर चुकी है, वही दूसरी तरह मध्यप्रदेश पुलिस से सीबीआई में प्रतिनियुक्ति पर गए निरीक्षक सुशील मोजोका को भी मध्यप्रदेश पुलिस ने बर्खास्त कर दिया है।

मन्दसौर में यह स्थिति है नर्सिंग कॉलेजों की
जिले में सरकारी समेत कुल 9 नर्सिंग कॉलेज है, जिनमें से चार जीएनएम और बीएससी कोर्स के रजिस्टर्ड है। चार कॉलेजों में श्रीजी नर्सिंग कॉलेज, मिरेकल नर्सिंग कॉलेज, डायमंड नर्सिंग कॉलेज और श्री साईनाथ नर्सिंग कॉलेज शामिल है। इन चारों की जांच पूर्व में हो चुकी है ये सूटेबल श्रेणी में पाए गए थे। चार ऐसे कॉलेज जिनकी निरीक्षण रिपोर्ट अभी तक कोर्ट में सबमिट नही हुई उनमें मन्दसौर इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग, आचार्य राजेन्द्र सूरी नर्सिंग कॉलेज, पशुपति नर्सिंग कॉलेज और ज्ञान विहार का नाम शामिल है।
मिरेकल नर्सिंग कॉलेज के पास खुद की बिल्डिंग और हॉस्पिटल है, डायमंड नर्सिंग कॉलेज के पास भी खुद की बिल्डिंग और हॉस्पिटल है, श्रीजी नर्सिंग कॉलेज पास बिल्डिंग खुद की और हॉस्पिटल के लिए शासकीय चिकित्सालय से अनुबंध है। श्रीसाईं नाथ नर्सिंग कॉलेज के पास खुद की बिल्डिंग और 30 बेड का हॉस्पिटल है।
मन्दसौर इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग के पास बिल्डिंग खुद की और आयुर्वेदिक हॉस्पिटल के माध्यम से संचालित है, आचार्य राजेन्द्र सूरी नर्सिंग कॉलेज के बिल्डिंग खुद की और हॉस्पिटल के लिए सिद्धि विनायक और अनुयोग हॉस्पिटल से अनुबंध है। ज्ञान विहार के पास बिल्डिंग स्वंय की है जबकि हॉस्पिटल के लिए शासकीय हॉस्पिटल भानपुरा, गरोठ से अनुबंध है। पशुपति के पास स्वयं की बिल्डिंग के साथ ही हॉस्पिटल के लिए शासकीय चिकित्सालय से अनुबंध है।

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Author: Admin

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