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इस युग में मोक्ष का एक मात्र मार्ग श्रीमद भागवत कथा-पं. नारायण जी

पिपलिया मण्डी। भगवान श्री सांवलिया सेठ के पावन सान्निध्य में भगवान श्री बालाजी महाराज की असीम कृपा से ग्राम सुपड़ा तहसील मल्हारगढ़, जिला मन्दसौर के समस्त ग्रामवासियों के द्वारा इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर श्रीमद भागवत कथा का भव्य आयोजन आयोजित किया जा रहा है। श्रीमद भागवत कथा का शुभारम्भ भव्य पोथी एवं कलश यात्रा के साथ हुआ। श्रीमद भागवत कथा के शुभारम्भ अवसर पर गांव के अन्दर भव्य कलश एवं पोथी यात्रा निकाली गई। भक्तगणों के द्वारा भागवत पोथी भगवान श्रीकृष्ण ठाकुरजी का स्वागत एवं पूजन कर अपने नगर में पधारें श्री हनुमन्त कर्मकाण्ड परिषद के संस्थापक एवं श्री महाकाल भैरव अखाड़ा संघ के राष्ट्रीय संरक्षक प्रसिद्ध भागवत प्रवक्ता परम पूज्य गुरूदेव पं. श्री मुकेश शर्मा नारायणजी का समस्त भक्तगणों ने अपने घरों के सामने ही फूलों की बरसात कर भव्य स्वागत सम्मान किया। श्रीमद भागवत कथा के प्रथम दिवस में व्यासपीठ से पं. श्री नारायणजी के द्वारा कहा गया कि ये अटल सत्य है कि इंसान ने जो धन वैभव सम्पत्ति कमाई है व किसी भी कीमत में साथ नहीं जाने वाली यदि इंसान के साथ में जाएगा तो सिर्फ और सिर्फ उसके पुण्य एवं धर्म भक्ति ही इंसान के साथ जाएगी। इस कारण आज के इंसान को अपने इस व्यस्त समय में से कुछ समय जरूर भगवान की भक्ति के लिए निश्चित निकालना चाहिए क्योंकि आज के इस युग में इंसान के मोक्ष के मार्ग के लिए सिर्फ और सिर्फ श्रीमद भागवत कथा सच्चा श्रवण की भक्ति एक मात्र ऐसी राह है जो इंसान को इस भव्य सागर से पार लगा सकती है। श्रीमद भागवत कथा के सच्चे श्रवण ने जिसके भी ह्दय में प्रवेश किया है मानों उसका जीवन सफल हो चुका है क्योंकि वो साक्षात् भागवत के रूप में भगवान को अपने ह्दय में बसा चुका है हर समय मन से एक ही आवाज निकलती है कि सदैव भागवत कथा का सच्चा श्रवण मुझे प्राप्त होता रहे और भगवान मुझे इस लायक बनाए कि मेरे माध्यम से अनेकों अनेक इंसानों को भी श्रीमद भागवत कथा सच्चा श्रवण लाभ करने का अवसर प्राप्त हो। यदि आज के युग में ऐसा कोई इंसान है सदैव उसके मन में एक ही संकल्प जागता हो कि मेरे नगर के वासियों को मेरे ग्रामवासियों को इस संसान में मेरे समस्त माता बहनों को श्रीमद भागवत कथा का सच्चा श्रवण करवाने का कोई अवसर प्राप्त हो जाए तो मेेरा कदम बिल्कुल पीछे ना हटे क्योंकि कहा जाता है कि हमारे इस पृथ्वी पर माता गंगा भी स्वयं नहीं आई उसे लाने वाला भी एक भागीरथ ही था तो आज के युग में कोई धर्ममय इंसान धार्मिक आयोजन के लिए, कथाओं के लिए, यज्ञ के लिए आगे आता है वह भी भागीरथ ही है। भागवत कथा मात्र एक संकल्प से ही आपके ग्राम, नगर एवं ह्दय में बस सकती है। इस कारण कहा जाता है कि यह मनुष्य जीवन जिम्मेदारियों को पूर्ण करने में ना निकल जाए अपनी उम्र के आखिर दौर का इंतजार ना करो कि भगवान की भक्ति तो वृद्धावस्था में की जाती है वृद्धावस्था में तो भगवान की भक्ति के फल के प्राप्त करने का समय होता है यदि आपने अपने पूर्ण जीवन में भगवान की भक्ति को जागृत किया है और निरन्तर अपने भगवान को याद किया है तो वृद्धावस्था उस भक्ति के फल को प्राप्त करने के लिए होती है इसी कारण कहा जाता है कि युवाओं को भी अधिक से अधिक श्रीमद भागवत कथा का सच्चा श्रवण करना चाहिए। जिस युवाओं के मन में भागवत कथा के सच्चे श्रवण ने प्रवेश किया है मानों वह अपना पूर्ण जीवन धर्म, भक्ति एवं न्याय के मार्ग पर चलते हुए अपने जीवन को पूर्ण करेगा। श्रीमद भागवत कथा के प्रथम दिवस कलश यात्रा में भगवान श्रीकृष्ण ठाकुर जी को मांगीलालजी राठौर के द्वारा अपने सिर पर विराजमान कर नगर भ्रमण करवाया। श्रीमद भागवत कथा के प्रथम दिवस की आरती मांगीलालजी राठौर एवं समस्त भक्तों के द्वारा की गई। समस्त जानकारी परिषद सदस्य मनीष शर्मा के द्वारा दी गई।

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Author: Admin

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