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कार्रवाई की बजाय ग्रेडिंग बढ़ाने के लिए सीएम हेल्पलाइन पर झूठा जवाब डालकर शिकायतें बंद कर रहे नपा इंजीनियर

अवैध निर्माण भ्रष्ट इंजीनियरो के लिए बने हुए है कमाई का जरिया

मंदसौर । नगरपालिका परिषद मन्दसौर में सामान्य शिकायतों का क्या हाल होता है ये किसी से छिपा हुआ नही हैं । सामान्य शिकायतों को आवक करने के बाद सीधे रद्दी की टोकरी मुनासिब होती है ।
नगरपालिका सीएमओ और इंजीनियरो की मदद से बढ़ रहे अवैध निर्माणों को लेकर जब कोई शिकायत करता है तो उन शिकायतो का क्या हाल होता ये सबको पता है । नगरपालिका के इंजीनियर खुद अवैध निर्माणकर्ताओ के मददगार बने हुए है । किस तरीके से और कैसे अवैध निर्माण करना है ये सारी बातें इंजीनियर पहले से अवैध निर्माणकर्ताओं को समझा देते है इसलिए बाद में होने वाली शिकायतों को ऐसे दबाकर बैठते है की ढूंढने से भी शिकायत न मिले ।
अवैध निर्माणों के सर्वाधिक मामले नगरपालिका परिषद मंदसौर में प्रचलित है किंतु एक भी प्रकरण में नगरपालिका ने कोई ठोस कार्रवाई आज तक नही की है । बताया जाता है कि निर्माण अनुमति के समय ही अवैध निर्माणकर्ता से डील हो जाती है उस डील में निर्माण कार्य पूरा करवाने के साथ साथ शिकायतों का निस्तारण करने की भी जिम्मेदारी होती है । ऐसा एक नही सैकड़ो बार देखा गया है कि नगरपालिका के सीएमओ और इंजीनियर शिकायतों पर कार्रवाई करने के बजाय उल्टे सीधे जवाब डालकर बंद करवा देते है ।

अवैध निर्माण की शिकायतें पहुँच रही लोकायुक्त तक
नगरपालिका परिषद मंदसौर के भ्रष्ट, सीएमओ और इंजीनियरो की अवैध निर्माणकर्ताओं से मिलीभगत का ये आलम है कि सामान्य लिखित शिकायत या सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों पर कोई कार्रवाई न होने से आहत होकर कई शिकायतकर्ता शासन और लोकायुक्त स्तर तक कर रहे है । कुछ प्रकरणो की जांच के नगरपालिका में लोकायुक्त के पत्र भी आए हुए है उसके बावजूद प्रतिदिन नगर में अवैध निर्माण मिलीभगत से करवाया जा रहा है ।

सीएम हेल्पलाइन के फर्जी निराकरण की होनी चाहिए जांच
नगरपालिका परिषद मंदसौर द्वारा सीएम हेल्पलाइन प्रकरणो का जो फर्जी निराकरण पोर्टल पर डालकर शिकायतों को दफन करने का काम किया जा रहा है उसकी जांच बड़े स्तर पर होनी चाहिए । सामान्य व्यक्ति अपनी जायज शिकायत पर भी कार्रवाई नही करवाकर हताश है और दूसरी तरफ नगरपालिका के भ्रष्ट इंजीनियर और सीएमओ की जोड़ी मिलकर सीएम हेल्पलाइन का बेड़ा गर्क करने में लगे हुए है ।
नगरपालिका के सीएमओ और इंजीनियर सीएम हेल्पलाइन में बिना हाथ पैर के जवाब डालकर शिकायतों को बंद करवाने में कामयाब हो जाते है और उच्च अधिकारियों को ऐसा लगता है कि ये प्रकरणों का समय पर निराकरण कर रहे है । रैंकिंग बढ़ाने के लिए झूठे जवाब डालना नगरपालिका के सीएमओ और इंजीनियरो की आदत बन गया है ।

शासन को हुई शिकायत
फर्जी जवाब डालकर सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को बंद करने के पीछे कर्मचारियों का मकसद होता अवैध निर्माणकर्ताओं को संरक्षण देना । इसके साथ ही फर्जी जवाब डालने से शासन की नजर में रैंकिंग भी बढ़ जाती है । जिससे उच्च अधिकारियों को लगता है कि इनके द्वारा समाधान किया जा रहा है । फर्जी जवाब डालकर शिकायतें बंद करने के मामले में शासन स्तर पर शिकायत हुई है ।

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Author: Admin

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