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चुनाव से पहले हुए बड़े बड़े वादे चुनाव होते ही जारी हुआ अतिथि शिक्षकों को हटाने का आदेश

चुनाव से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बढ़ाई थी अतिथि शिक्षकों की तनख्वाह, रूकवाया था कार्यमुक्त करने का आदेश

मंदसौर । प्रदेश में बड़ी संख्या में शासकीय स्कूलों में अतिथि शिक्षक कार्यरत है । स्कूलों में हुई नई भर्तियों के बाद से ही अतिथि शिक्षकों की नौकरी पर बादल मंडराने लगे थे । दिनांक 04 अक्टूबर को प्रादेशिक अखबार में प्रकाशित ख़बर में स्पष्ट लिखा था कि नियमित शिक्षकों की ज्वाइनिंग के बाद अतिथि कार्यमुक्त होंगे ।
प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में पढ़ाने वाले अतिथि ऐक्ष्को को नियमित शिक्षक के उपस्थित होते ही कार्यमुक्त कर दिया जाने का निर्देश भी स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और संकुल प्राचार्यो को दिया था ।
इसके तहत विभाग में नियमित शिक्षको की उपस्थिति के बाद आमंत्रित किए गए अतिथि शिक्षकों के ऑनलाइन बिल जनरेट कर कार्यमुक्त करने के निर्देश थे ।
उक्त आदेश को चुनाव के कारण मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रूकवा दिया था । लेकिन जैसे ही चुनाव निपटे पुनः जिला शिक्षाधिकारियों ने अतिथियों को कार्यमुक्त करने के आदेश जारी कर दिए है । जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय मंदसौर का ऐसा ही एक आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है ।
चुनाव से पहले तक दोनों दलों ने अतिथि शिक्षकों के लिए दिल खोलकर वादे किए थे । कांग्रेस ने सरकार बनने पर अतिथियों को परमानेंट करने की घोषणा की थी लेकिन कांग्रेस की प्रदेश में सरकार नही बन पाई । वहीं दूसरी तरफ शिवराज सिंह चौहान ने अतिथियों की तनख्वाह दौगुनी कर दी थी ।

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Author: Admin

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