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आदर्श आचार संहिता की आहट के बीच खेल युवा कल्याण विभाग के संचालक एवं पूर्व डीआईजी की मिलीभगत से प्रतियोगिता का बजट डकारने का प्रयास-श्री भाटी

अधिकांश जिले आयोजन से बाहर, सुधार नही होने पर भोपाल पहुंच खिलाडी करेगे प्रदर्शन, जिला ताईक्वांडो एसोसिएशन ने प्रेस वार्ता कर तथ्यो के साथ लगाये गंभीर आरोप
मंदसौर । मध्यप्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2022 की तर्ज पर मध्यप्रदेश में शासन द्वारा खेलो एमपी यूथ गेम्स का प्रारूप तैयार किया गया। इस प्रारूप के तहत 18 खेलो का चयन करते हुये तहसील स्तर से लेकर प्रांतीय स्तर तक आयोजन की रूपरेखा तैयार की गयी। खेलो एमपी यूथ गेम्स में अधिकांश प्रचलित खेलो के लिये ब्लाॅक से लेकर राज्य स्तरिय तक खाका तैयार हुआ किन्तु ओलंपिक में मान्य खेल एवं मध्यप्रदेश में अधिकांश जिलो में प्रचलित खेल ताईक्वांडो को कम प्रचलित खेलो की श्रेणी में डालते हुये खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने एक सोची समझी प्लानिंग के तहत मध्यप्रदेश ताईक्वांडो संघ को आयोजन की प्लानिंग देते हुये मध्यप्रदेश के अधिकांश जिलो को आयोजन से बाहर कर दिया है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संचालक रवि कुमार गुप्ता एवं मध्यप्रदेश ताईक्वांडो संघ के उपाध्यक्ष एवं पूर्व डीआईजी ने मिलीभगत कर लगभग डेढ करोड की राशि डकारने की कोशिश की जा रही है। यह पूरा आयोजन उस समय हो रहा है जब सत्ता और विपक्ष दोनो आदर्श आचार संहिता के आहट के बीच चुनावी तैयारियो में लगे है ।
यह बात जिला ताईक्वांडो एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश भाटी, संस्था सचिव गगन कुरील ने कही। इस दौरान संस्था के व्यस्था प्रभारी विजय कोठारी भी विशेष रूप से उपस्थित थे। संस्था अध्यक्ष श्री भाटी ने आरोप लगाते हुये कहा कि ताईक्वांडो खेल से वर्तमान में मध्यप्रदेश में हजारो बच्चे जुडे हुये है। समय-समय पर होने वाले आयोजनो के माध्यम से चयनित बच्चे मध्यप्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर पर चयनित होते है, इसके साथ ही सफल खिलाडियो को खेल कोटे से शासकिय सेवा में जाने का भी अवसर मिलता है । खेलो एमपी यूथ गेम्स एक बडा शासकिय आयोजन है जिसमें सभी ताईक्वांडो खेल के खिलाडीगण सहभागीता करने की मंशा रखते है लेकिन खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने मध्यप्रदेश ताईक्वांडो संघ को करोडो रूपयो का लाभ पहुंचाने के लिये सिर्फ इस खेल को उन्ही जिलो में मान्य किया है जहां इस संस्था का प्रभाव है। इस स्थिति मे अन्य जिलो के खिलाडियो का अहित होना तय है ।
स्वयं की ताईक्वांडो ऐकेडमी के साथ ही प्रत्येक जिले में स्टाफ
एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री भाटी ने कहा कि मध्यप्रदेश खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा खेलो एमपी यूथ गेम्स में ताईक्वांडो खेल को कम प्रचलित खेलो की श्रेणी में डाल दिया है लेकिन जब विभाग के पास स्वयं की ऐकेडमी एवं विभाग द्वारा प्रतिवर्ष केलेण्डर अनुसार आयोजित होने वाले खेलो में ताईक्वांडो को शामिल रखता है तो फिर यह खेल कम प्रचलित कैसे हो गया? यह प्रश्न अपने आप में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के आला अधिकारियो एवं मध्यप्रदेश ताईक्वांडो संघ के पदाधिकारियो की मिलीभगत को उजागर करता है।
सरकार द्वारा संस्था को लाभ देने के कारण चालिस जिलो के खिलाडियो का अहित किया
जिला ताईक्वांडो एसोसिएशन के सचिव श्री गगन कुरील ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा चुनावी आचार संहिता लगने की आशंका के बीच अपने चहेते रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी एवं उनके परिवार को लाभ देेने का प्लान तैयार किया गया है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग जो पहले इस खेल को पुरा प्रदेश का मान्य कर आयोजन करवाता था वह अब सिर्फ 12 जिलो में ही मान्य बताकर इस संस्था द्वारा तैयार प्लान के अनुसार आयोजन करने जा रहा है जिसके कारण चालिस जिलो के ताईक्वांडो खेल के हजारो खिलाडी शासकिय आयोजन में सहभागी नही बन पायेगे।
स्वयं के आयोजन को शासकिय बताकर करोडो रूपये डकारने का प्रयास
श्री कुरील ने कहा कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग एवं मध्यप्रदेश ताईक्वांडो संघ की मिलीभगत का इससे बडा उदाहरण क्या हो सकता है कि 27 से 28 जून 2023 में माह में जबलपुर मे मध्यप्रदेश ताईक्वांडो संघ के आयोजन को मान्य कर खेलो एमपी यूथ गेम्स के तहत ताईक्वांडो खेल आयोजन की खानापूर्ति कर ली है । अब सिर्फ शासकिय आयोजन के दौरान संस्था द्वारा तय जिले जहां के खिलाडी सफल रहे थे उन्हें ईनामी राशि एवं पुरस्कार से नवाजा जा सकता है। इस पुरे प्रपंच का परिणाम यह होगा कि योग्य अन्य चालिस जिलो के खिलाडी आयोजन से वंचित रहेगे।
संस्था के स्वामित्व कोे लेकर मामला न्यायालय में मामला लंबित
संस्था अध्यक्ष सुरेश भाटी ने दावा करते हुये कहा कि मध्यप्रदेश ताईक्वांडो संघ के काफी समय तक रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी श्री शेलेन्द्र श्रीवास्तव अध्यक्ष रहे है । खेल विभाग में पुलिस अधिकारियो की पकड हमेशा जगजाहीर रही है जिसके चलते शेलेन्द्र श्रीवास्तव द्वारा लगातार संस्था के माध्यम से लाभ उठाया जाता रहा है । इसके अतिरिक्त संस्था के स्वामित्व के साथ एवं अन्य वित्तीय मामलो में न्यायालय में वाद चल रहा है इसके बावजूद खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारी निजी संस्था के साथ मिलकर पूरा घपला करने का प्रयास कर रहे है ।
इस दौरान श्री भाटी एवं श्री कुरील ने पत्रकारो के तथ्य परक जवाब देते हुये खेल एवं खिलाडी हित में प्रतियोगिता आयोजन का स्वरूप नही बदले जाने एवं सभी जिलो के खिलाडियो को शामिल नही करने पर आगामी दिनो में सभी जिलो से विभिन्न एसोसिएशन के पदाधिकारी भोपाल पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे ।

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Author: Admin

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