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सरकार के एक आदेश से एलपीजी गैस वितरकों को करोड़ो का नुक़सान

जिलेभर के गैस वितरकों ने बैठक आयोजित कर सौंपा ज्ञापन कहा -गैस कीमत में राहत का स्वागत है किंतु गैस वितरकों का नुकसान क्यों ?

मन्दसौर । गत दिवस रक्षाबंधन के पर्व पर केंद्र सरकार ने एलपीजी गैस सिलेंडर पर 200 रूपए कम करके जनता को राहत देने का काम किया है । लेकिन ये राहत गैस एजेंसी संचालको को भारी पड़ गई ।
29 अगस्त को एलपीजी के अधिकतम मूल्य में 200 रूपए की कमी की घोषणा की गई जिससे निश्चित तौर पर आम उपभोक्ताओ को त्यौहारों की ख़ुशी दोगुनी हुई है लेकिन एलपीजी गैस वितरकों को इसका भारी नुकसान हुआ है । गैस एजेंसी वितरकों का कहना है कि वे 2019 में तय किये कमीशन मे ही वर्तमान में गैस एजेंसी वितरक काम कर रहे है जो खर्चो कि तुलना मे काफ़ी कम हैं । जिसका पुनरावलोकन करने के साथ ही सम्मानजनक कमीशन दिया जाना चाहिए साथ ही दिनांक 29 अगस्त को केंद्र सरकार द्वारा एलपीजी का जो संशोधित मूल्य 200 रूपए से कम किया गया हैं । उससे हम वितरको का बड़ा आर्थिक नुकसान हुवा हैं । क्योंकि त्योहारों को देखते हुवे भरपूर स्टॉक था और सरकारी ऑइल कंपनीया एडवांस पेमेंट के साथ ही लोड देती हैं । ऐसी परिस्थिति मे ₹ एक लाख से लगाकर लगभग 3 लाख तक नुकसान (एजेंसी कि क्षमता एवं स्टॉक अनुसार कम ज्यादा हो सकता हैं ) हुआ हैं । जिसकी भरपाई किसी भी तरह से सम्भव नहीं ।

स्टॉक रखने पर नुकसान और भाव बड़े तो गाड़ी नही भरी जाती
प्रत्येक गैस एजेंसी वितरक के पास दो लाख से अधिक मूल्य तक के सिलेंडरों का स्टॉक रहता ही है । दाम कम होने से स्टॉक वाले वितरक को नुकसान स्वयं वहन करना है , उसके लिए सरकार ने कोई रियायत का एलान अब तक नही किया है । लेकिन वही दूसरी तरफ जब गैस के दाम बढ़ते है तो डिपो पर गाड़ी नही भरी जाती है । जब दाम बढ़ने पर गाड़ी नही भरी जाती है या नये दाम पर सिलेंडर दिए जाते है तो फिर कम होने पर भी गैस वितरकों को कोई सहूलियत मिलनी चाहिए ।

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Author: Admin

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