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नागदा को जिला बनाने की घोषणा बनी सरकार के लिए मुसीबत

नागदा को जिला बनाने की घोषणा से जावरा, आलोट से भी उठने लगी जिला बनाने की मांग

✍️ राजेन्द्र देवड़ा
आलोट । नागदा जिला बनने के विरोध में आलोट प्रेस क्लब द्वारा आयोजित परिचर्चा में जनप्रतिनिथियो ने किया विरोध । नए जिले के रूप में नागदा को जिला बनाने की प्रक्रिया में आलोट, ताल और खाचरोद तहसीलो को शामिल करने के विरोध में आलोट मे भी आवाज उठने लगी है । खाचरोद के बाद ताल और आलोट की जनता भी सड़को पर उतरने का मन बना चुकी है और अपनी आवाज शासन प्रशासन तक पहुंचा ने को लेकर रणनीति बनाई जा रही है । 6 अगस्त को आलोट प्रेस क्लब द्वारा नागदा जिले मे आलोट तहसील को सम्मिलित करने पर आम जनता के मन में उट रहे सवालो को लेकर परिचर्चा कि गई जिसमे क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियो ने आलोट को नागदा में सम्मिलित करने का विरोध किया ।
ज्ञात हो कि आलोट को जिले का दर्जा प्राप्त होता है तो इस क्षेत्र में वह सारी व्यवस्था कायम है जो आलोट को जिला विकसित करने के लिए चाहिए मसलन बड़ी रेलमार्ग मां क्षिप्रा और चम्बल नदी अनादिकल्पेश्वर महादेव प्राचीन मंदिर पड़ोसी राज्य राजस्थान मे नागेश्वर मंदिर शिप्रावरा नदियो का संगम स्थल होकर विक्रमगढ आलोट स्टेशन बड़ी रेल्वे लाईन रेलमार्ग से उज्जैन संभाग से लेकर दिल्ली, मुंबई, भोपाल, इन्दौर ,रतलाम के लिए सुविधा उपलब्ध है ।
आलोट को जिला बनाने कि मांग समय समय पर उठती रही है 29 जुलाई 2003 में भाजपा नेता कालूराम मालवीय (भूतिया) ने आलोट तहसील को जिला बनाने के लिए प्रदेश के राजस्व सचिव को पत्र लिखकर आलोट को जिला बनाने की मांग रखी थी । उन्होंने अपने पत्र मे लिखा था कि मध्य प्रदेश शासन व्दारा चलाए जा रहे जिले की सीमाओ को परिवर्तित कर नए जिले बनाने की प्रक्रिया मे आलोट से जिला रतलाम की दूरी लगभग 85 किलोमीटर इसी प्रकार शाजापुर जिले की आगर तहसील की दूरी 100 किलोमीटर और जावरा की दूरी 50 किलोमीटर है यदि आलोट तहसील को जिला बनाने की परिवर्तन सूची में लिया जाकर इसमे आगर ताल बड़ावदा बरखेड़ा कला को तहसील का दर्जा दिया जाए तो इन क्षेत्रो की जनता को काफी सुविधा मिल सकती है ।

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Author: Admin

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