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सासंद गुप्ता को भाजपा के सह कोषाध्यक्ष पद से हटाना राजनैतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन पड़ा

दशपुर दिशा । अनिल नाहर
भानपुरा । मन्दसौर ससंदीय क्षेत्र से लगातार दो बार से लोकसभा सदस्य सुधीर गुप्ता को राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के पहले कार्यकाल में सह कोषाध्यक्ष पद पर काबिज थे, गुजरात विधायक चुनाव में सह प्रभारी भी थे । अभी हाल ही में जेपी नड्डा ने अपने दूसरे कार्यकाल में अपनी संगठन की टीम घोषित की जिसमें अधिकांश पदाधिकारी दोबारा चुने गये पर मन्दसौर ससंदीय क्षेत्र के सासंद सुधीर गुप्ता को सह कोषाध्यक्ष पद से हटा दिया गया । इसको लेकर राजनैतिक गलियारों में तरह तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है । जहां उनके हटने से गुप्ता के प्रबल समर्थक निराश है तो गुप्ता के उनकी पार्टी के राजनैतिक विरोधी खुश हैं । यह सही है कि सासंद गुप्ता मन्दसौर ससंदीय क्षेत्र में भाजपा की गुटबाजी को समाप्त नहीं कर पाए और यह लगातार बढ़ रही है । ससंदीय क्षेत्र के अधिकांश भाजपा विधायकों से सासंद गुप्ता की पटरी नही बैठती, सासंद गुप्ता प्रखर वक्ता है और तेजी से राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़े पर एकाएक सह कोषाध्यक्ष पद से हटाना कही न कहीं कद घटाना है । इसके साथ ही यह भी चर्चा है कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में अपने कुछ सासंदों को विधानसभा का चुनाव लड़ायेगी । जिससे कमजोर सीटों पर जीत पक्की हो सके, सासंद सुधीर गुप्ता के बारे में भी यह चर्चा है कि वह मन्दसौर ससंदीय क्षेत्र की सबसे कमजोर सीट गरोठ-भानपुरा विधानसभा वाली है । जिसमें वर्तमान विधायक देवीलाल धाकड के साथ ही एक दर्जन से अधिक भाजपा नेता अपनी उम्मीदवारी के लिए दम ठोक रहे है और इसके लिए सब कुछ कर रहे है । अपने राजनैतिक प्रतिद्वन्दी को नीचे दिखाने में भी कोई कसर बाकी नहीं रख रहे है । यह सीट भाजपा के लिए 2018 में भी कमजोर थी और भाजपा मात्र 2108 मतों से जीती थी । इसमें भी कांग्रेस के बागी उम्मीदवार को मिले 18 हजार मत भी भाजपा की जीत में सहायक रहे थे । यह सीट मिली जानकारी के अनुसार भाजपा व कांग्रेस के सर्वे में भाजपा के लिए कमजोर सीट बता रहे है । कमजोर सीट, व्याप्त गुटबाजी को खत्म करने के लिए अपने सासंद सुधीर गुप्ता को मैदान में उतार सकती है । सुधीर गुप्ता बीसा पोरवाल जाति से आते है और यह क्षेत्र वैश्य समाज विशेषकर पोरवाल बाहुल्य है । जातिगत समीकरण, गुटबाजी को खत्म करने के लिए यह दांव चल सकती है । सासंद गुप्ता भाजपा के जिलाध्यक्ष भी रह चुके है सगंठन कि पकड़ बहुत अच्छी है और इन बीते नौ साल के ससंदीय कार्यकाल में राष्ट्रीय व प्रदेश की राजनीति में भी अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई है । अगर सासंद गुप्ता को भाजपा अपना उम्मीदवार गरोठ भानपुरा विधानसभा से उम्मीदवार बनाती है तो भाजपा के शुभ संकेत है । उन दर्जन भर दावेदारों के मंसूबो पर पानी फिर जायेगा । जिन्होंने विगत एक वर्षों से हर तरह से अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए दिल्ली से लेकर भोपाल गरोठ भानपुरा तक हर दांव चला । हर जगह अपनी सार्थक उपस्थिति दर्ज कराई ।भाजपा हर हाल में इस बार भी प्रदेश में भाजपा कि सरकार बनाने के लिए हर तरह से प्रयासरत है । सरकार व वर्तमान विधायकों के प्रति नाराजी को शांत करने के लिए भाजपा गुजरात फॉर्मूले पर कई वर्तमान विधायको के टिकिट काटकर नाराजी को दूर करना चाहेगी । मन्दसौर जिले में चार व संसदीय क्षेत्र में आठ सीट है और सभी पर भाजपा के विधायक है ।इनमें से तीन विधायक केबिनेट मंत्री है । मन्दसौर जिले की चार सीटों में से दो विधायक मंत्री है । वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा मल्हारगढ़ व हरदीप सिंह डंग पर्यावरण मंत्री,सुवासरा व यशपाल सिंह सिसौदिया, मन्दसौर का लगभग चुनाव लड़ना तय है । यह तीनों मजबूत उम्मीदवार है । अब केवल एक सीट गरोठ भानपुरा ही बची जिस पर भाजपा कमजोर है और यह पंचायत व नगर परिषद चुनावों में भाजपा के कमजोर प्रर्दशन से उजागर हो गई और बीते इन साढ़े चार वर्षों में गुटबाजी बहुत बढ़ी और कई समस्याओं का हल न होना भी भाजपा को कमजोर साबित कर रहा है ।
भाजपा जो लगातार तीन चुनावों से इस सीट पर काबिज है पर यह जरुर है कि तीनों बार उम्मीदवार बदले गये और यही लगता है कि चौथी बार जीतने के लिए भाजपा अपना उम्मीदवार बदल दे । जिसकी सम्भावंना साफ दिख रही है और यह उम्मीदवार सुधीर गुप्ता हो सकते हैं ।

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Author: Admin

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