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आखिर पुलिस को क्यों करना पड़ा जे.के.जैन को थाने बुलाकर दो प्रकरणों में पाबंद !

अब तक जेके जैन नियम विरूद्ध निर्वाचन, सामाजिक न्याय, पीओ डूडा, सांख्यिकी, पर्यटन विकास, जनजातीय कार्य विभाग जैसे आधा दर्जन से अधिक विभागों में बतौर अधिकारी काबिज़ हो चुका है

मन्दसौर । थाना शहर कोतवाली में पशुपालन विभाग मंदसौर के लेब संचालक जे.के.जैन के विरूद्ध अपने आपको फर्जी तरीके से जिलाधिकारी बताकर एक परिवार के साथ गालीगालोच, धमकाने और रूपये वसूली करने, झूठे दस्तावेज बनाकर स्वयं के प्रकरण में पुलिस को भ्रमित करने की शिकायत आवेदन के माध्यम से की गई थी । साथ ही एक दूसरे आवेदक द्वारा भी लगभग इसी प्रकार की शिकायत लेब संचालक के विरुद्ध थाना शहर कोतवाली में की गई थी । आज दोपहर लेब संचालक को थाना शहर कोतवाली द्वरा बुलाकर आगे भविष्य में इस प्रकार का कृत्य विवाद नहीं करने का लिखवाकर पाबंद किया गया । जैसा की समय समय पर समाचार पत्रों में लेब संचालक द्वारा खुद को फर्जी तरीके से बड़ा जिलाधिकारी बताया जबकि ये वास्तविकता में पशुपालन विभाग मंदसौर के लेब संचालक के पद पर है । इनके द्वारा कर्मचारियों को धमकाना, दबाव डालकर पैसे की वसूली करना, नियम विरुद्ध तरीके से खुद का मूल पद लेब संचालक पशुपालन छिपाकर खुद के अधिकारो के ऊपर के पद पर नियमविरुद्ध तरीके से चार्ज लेना ,कर्मचारियों को पीटना और इतना प्रताड़ित करना की वे आत्महत्या तक कर ले प्रकाशित किया जाता रहा है ।

लेब संचालक द्वारा विगत कई वर्षो से शासन की आँखों में धुल झोकर पशुपालन विभाग स्थित लेब को बंद कर खुद का मूल कार्य लेब संचालन छोड़कर जबरन कलेक्टर कार्यालय में अनुचित लाभ के लिए अन्य विभागों के कार्य के साथ साथ निर्वाचन का भी कार्य किया जा रहा है । इस सम्बन्ध में एक सामाजिक कार्यकर्ता द्वरा निर्वाचन में जे.के.जैन द्वारा वर्षो से कार्य कर विशेष लोगो को निर्वाचन में लाभ दिया जाने एवं चुनाव परिणाम प्रभावित करने से रोकने हेतु सी.एम.हेल्पलाइन भी दर्ज की गई है जिस पर कार्यवाही प्रचलित है ।

लेब संचालक शासन के नियमो का गलत तरीके से दोहन कर इतना बैखोफ हो गया की खुद के स्तर से नियम विरुद्ध मनमाने तरीके से कर्मचारियों का स्थानांतरण कर दिया जिस नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा सिविल सेवा आचरण नियमो के विपरीत कृत्य करने संबंधी नोटिस जारी किया गया था । किन्तु उसके बाद भी नगरीय निकायों में चार्ज लेकर नाकेदारो से सीएमओ बने कर्मचारियों एवं छोटी निकाय के सीएमओ से महीने की बंदी जबरन झूठे नोटिस निकाल कर ली जा रही थी । मामला तब बिगाड़ा जब लेब संचालक द्वारा पूर्व सीएमओ मंदसौर का नाम लेकर बोले जाने पर पूर्व सीएमओ द्वारा लेब संचालक को फ़ोन लगाकर पद के दायरे रहने की नसीहत दी गई थी ।

पशुपालन विभाग मंदसौर के गैर जिम्मेदारी कार्य से ऐसा प्रतित होता है की उपसंचालक मनीष इंगोले द्वारा लेब संचालक को खुली छूट दे रखी है । यहाँ तक की लेब संचालक का कार्य भी अनुचित लाभ लेने के लिए उपसंचालक द्वारा स्वयं किया जा रहा है और उपसंचालक बिना अनुमति शासन दिशा निर्देशों के विरुद्ध लेब संचालक को डेपुटेशन पर अन्य स्थान पर कार्य हेतु भेजा हुआ है । लेब संचालक के काले कारनामो पर थाना शहर कोतवाली ने पाबन्दी कर दी है अब देखना ये है की शासन कब लेब संचालक के कारनामो पर पाबन्दी लगाती है ।

Admin
Author: Admin

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