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यह कैसा कायाकल्प ? शासन की राशि का हो रहा गलत जगह इस्तेमाल

क्या नगर की उबड खाबड तथा गड्ढेदार सड़के सिंगापुर की तर्ज पर बनी हुई है ? ऐसे कैसे नगर का होगा विकास

आलोट (राजेन्द्र देवड़ा)। नगर परिषद हमेशा से ही सुर्खिया बना रही है । फिर चाहे अवैध नल कनेक्शन हो या प्रधानमंत्री आवास हो या अवैध निर्माण तथा अवैध काॅलोनिया बेखौफ चलते आए अवैध काम ! भष्टाचार के मामलो मे आलोट नगर परिषद कीर्तिमान स्थापित कर चुकी है । खरीद फरोख्त कर बनी आलोट नगर सरकार में नगर परिषद अध्यक्ष के पुत्र दोनो हाथो से गलत काम कर भष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है । जिस कायाकल्प अभियान के तहत शासन से राशि आई उसका जिस तरह गलत इस्तेमाल किया जा रहा उसे सोचने पर मजबूर कर दिया है । नगर परिषद अध्यक्ष के पुत्र आगे चलकर क्या गुल खिलागा इस काल में यह तो समय बताएगा ? नगर के सड़को कायाकल्प राशि लगानी थी उससे वह अपने पिता की जमीन का भाव बढाने तथा अपने चहेतों की जमीन होने पर उनसे साठगांठ और कपटसंधी कर कायाकल्प अभियान का दुरुपयोग कर रहे है । विश्वसनीय सूत्रों और नगर में चहुंओर चर्चा है कि आलोट नगर में प्रतिवर्ष पढने वाले अनादि कल्पेश्वर महादेव मंदिर पर मनोरंजन तथा मवेशी मेले में भी अध्यक्ष पुत्र और उसके कारिंदो तत्कालीन सीएमओ ने बहुत मांजा सुता है और बहुत बढ़ चढ़कर कर बिल लगाऐ गये है । अनादिकल्पेश्वर मवेशी एवं मनोरंजन मेले में आय से ज्यादा व्यय कर शासन की राशि को पलीता लगाया गया है ।
सूत्रो से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस मेले की व्यवस्था के लिए 20 लाख से ज्यादा के बिल लगाए गए है । जब इन बिलों के भुगतान के लिए सीएमओ से कहा तो उन्होंने इसे परिषद की बैठक में रखकर स्वीकृति लेने की बात कही थी वही आलोट नगर के नागरिक नामांतरण के लिए नगर परिषद के चक्कर लगा रहे हैं । नगर परिषद अधिनियम की धारा 150-151 के अंतर्गत नामांतरण के अधिकार परिषद में निहित है लेकिन अध्यक्ष द्वारा नामांतरण पीआईएसी में किए जा रहे हैं । जिस पर पूर्व में प्रभारी सीएमओ सोनम भगत ने आपत्ति लेते हुए नामांतरण प्रकरण परिषद में रखने के लिए अध्यक्ष को कहा तभी से अध्यक्ष और सीएमओ में अनबन होने लगी और उनकी शिकायत बार-बार कलेक्टर से की गई जिस पर जिलाधीश द्वारा जावरा सीएमओ दुर्गा बामनिया को जावरा,ताल के अतिरिक्त आलोट का भी चार्ज दे दिया गया है ।
आलोट नगर परिषद में काले कारनामों की लंबी फेहरिस्त है देखना हैनई प्रभारी सीएमओ दुर्गा बामनिया इस पर कितना अंकुश लगा पाती है ।

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Author: Admin

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